सासाराम में नवविवाहिता की दहेज के लिए हत्या, पति समेत परिवार गिरफ्तार
सासाराम। जिले के करगहर थाना क्षेत्र अंतर्गत लरुई गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 24 वर्षीय नवविवाहिता पूजा कुमारी की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति छोटन खरवार समेत उसके सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं दहेज प्रथा को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूजा कुमारी का विवाह अप्रैल 2024 में लरुई गांव निवासी छोटन खरवार के साथ हुआ था। विवाह के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल पक्ष द्वारा पूजा पर लगातार बाइक और ढाई लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जाने लगा। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पूजा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पूजा के मायके पक्ष का कहना है कि बेटी की शादी के बाद से ही उन्हें कई बार प्रताड़ना की शिकायतें मिली थीं, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि मामला इतना गंभीर और भयावह मोड़ ले लेगा। मृतका के पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना से पहले पूजा कुमारी ने उन्हें फोन कर रोते हुए बताया था कि उसके ससुराल वाले बाइक और पैसों के लिए उसे बेरहमी से पीट रहे हैं। बेटी की हालत और उसके भय को सुन पिता घबरा गए और तत्काल कोचस थाना क्षेत्र के बलथरी गांव से अपनी बेटी के ससुराल के लिए निकल पड़े। लेकिन जब वे लरुई गांव पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पूजा की मौत हो चुकी है। आरोप है कि हत्या के बाद आरोपी घर में शव छोड़कर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही करगहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाते हुए आसपास के गांवों में आरोपियों की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में पुलिस ने बगल के तेनुआ गांव से पूजा के पति छोटन खरवार, उसके पिता निगम खरवार तथा उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दहेज प्रताड़ना और हत्या की पुष्टि होते देख आरोपियों के खिलाफ हत्या, दहेज उत्पीड़न एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पूजा कुमारी विवाह के बाद से ही ससुराल में लगातार परेशान थी। कई बार गांव में भी यह चर्चा हुई थी कि दहेज के लिए उसे सताया जा रहा है, लेकिन घरेलू मामला मानकर लोग खुलकर सामने नहीं आए। पूजा की मौत के बाद गांव में भय और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना दहेज प्रथा की काली सच्चाई को एक बार फिर उजागर करती है। घटना को लेकर सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठनों ने नवविवाहिता की हत्या को गंभीर सामाजिक अपराध बताते हुए दोषियों को शीघ्र कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। वहीं, प्रशासन से यह भी अपील की गई है कि दहेज के मामलों में पीड़ित पक्ष की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके बयान के आधार पर यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि दहेज प्रताड़ना या घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते पीड़ित को बचाया जा सके। इधर, पूजा कुमारी की मौत से उसका परिवार गहरे सदमे में है। रोते-बिलखते परिजनों ने सरकार और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है और दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी किस तरह परिवारों को उजाड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सामाजिक चेतना, प्रशासनिक सतर्कता और कठोर कानूनी कार्रवाई साथ-साथ नहीं होगी, तब तक दहेज के खिलाफ निर्णायक लड़ाई संभव नहीं हो पाएगी।


