1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम, आयकर से लेकर यात्रा और वाहन तक पड़ेगा असर
- पुराने आयकर कानून की जगह नया कानून, फॉर्म 16 की जगह अब फॉर्म 130 होगा लागू
- फास्टैग, हवाई किराया, वाहन कीमत और पैन नियमों में बदलाव, आम लोगों की जेब पर असर
नई दिल्ली। देश में 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर पड़ेगा। आयकर व्यवस्था से लेकर बैंकिंग, परिवहन और दस्तावेज संबंधी नियमों में व्यापक परिवर्तन किए जा रहे हैं, जिन्हें सरकार प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है। सबसे प्रमुख बदलाव आयकर प्रणाली से जुड़ा है। 65 वर्ष पुराने आयकर कानून की जगह अब नया आयकर कानून-2025 लागू किया जाएगा। इसके तहत आयकर भरने की प्रक्रिया को सरल और अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। इस नई व्यवस्था में अब तक इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 का उपयोग किया जाएगा। यह नया फॉर्म स्रोत पर कर कटौती प्रमाण पत्र का अद्यतन रूप होगा। फॉर्म 130 को तीन भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में नियोक्ता, बैंक और करदाता से संबंधित जानकारी दर्ज होगी। दूसरे भाग में आय और स्रोत पर कर कटौती का विवरण होगा, जबकि तीसरे भाग में पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान कर योग्य आय की गणना का ब्योरा दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से आयकर दाखिल करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और आसान हो जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने फास्टैग वार्षिक पास की कीमत में वृद्धि की है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसकी फीस 3,075 रुपये निर्धारित की गई है, जो पहले की तुलना में 75 रुपये अधिक है। यह पास देश के लगभग 1,150 टोल नाकों पर मान्य होगा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और केवल डिजिटल माध्यम से ही शुल्क वसूला जाएगा। हवाई यात्रा भी महंगी होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण घरेलू हवाई किरायों पर लगी अस्थायी सीमा हटा ली गई है। इसके अलावा एविएशन टरबाइन ईंधन के दाम बढ़ने की आशंका है, जिससे हवाई टिकट की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। इसका असर सीधे यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। वाहन खरीदने वालों के लिए भी यह वित्त वर्ष महंगा साबित हो सकता है। कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने 1 अप्रैल से अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि करने की घोषणा की है। अलग-अलग मॉडलों के अनुसार कीमतों में लगभग दो प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। इससे नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब केवल आधार कार्ड के आधार पर पैन कार्ड नहीं बन सकेगा। इसके लिए 10वीं कक्षा की अंकपत्रिका या पासपोर्ट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही 10 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन में पैन कार्ड की अनिवार्यता को और सख्ती से लागू किया जाएगा। रेलवे यात्रियों के लिए टिकट रद्द करने के नियमों में भी संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, ट्रेन खुलने से 72 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर अधिकतम धनवापसी मिलेगी। वहीं, 72 से 24 घंटे के भीतर टिकट रद्द करने पर किराये का 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में अधिक सावधानी बरतनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये सभी बदलाव प्रशासनिक सुधार और डिजिटल प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि, इनका सीधा प्रभाव आम जनता की दैनिक जिंदगी और खर्च पर भी पड़ेगा। 1 अप्रैल से लागू होने वाले ये नए नियम आम नागरिकों के लिए कई नई चुनौतियां और सुविधाएं लेकर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे इन बदलावों की जानकारी रखें और अपनी योजनाओं को उसी के अनुसार व्यवस्थित करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।


