नवादा जहरीली शराब कांड : नगर थानाध्यक्ष सस्पेंड, दोषी पाए गए पदाधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय

नवादा। बिहार के नवादा जिले में जहरीली शराब कांड में 15 लोगों की मौत मामले में चौकीदार को निलंबित किए जाने के बाद अब थाना प्रभारी पर गाज गिरी है। नगर थानाध्यक्ष तारकेश्वर नाथ तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके स्थान पर नगर थाना में ही पदस्थापित अवर निरीक्षक उमाशंकर को प्रभार दिया गया है। उमाशंकर अगले आदेश तक नगर थानाध्यक्ष का कामकाज संभालेंगे। बता दें शनिवार को सरकार द्वारा आईली के नेतृत्व में गठित जांच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद स्थानीय चौकीदार विकास मिश्रा को सस्पेंड किया गया था। जहरीली शराब कांड में सिर्फ चौकीदार पर हुई कार्रवाई के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे थे कि एसपी ने इस मामले में चौकीदार को बलि का बकरा बनाया है।
नगर थानाध्यक्ष के निलंबन का आर्डर एसपी सायली धुरत की ओर से जारी किया गया है। उन्होंने कहा है कि आदेश जारी करने के पूर्व मगध आईजी से इसकी अनुमति ली गई है। थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद यह माना जा रहा है कि लापरवाही के लिए दोषी पाए गए अन्य पदाधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय है।
उल्लेखनीय है कि नवादा जिले में होली के अगले दिन से 4 दिनों तक एक के बाद एक 15 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई थी, जबकि दो व्यक्ति के आंखों की रौशनी चली गई थी। परिजनों ने प्रशासन के डर से 6 शवों का दाह संस्कार कर दिया था, जिसके कारण उनका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। वहीं पुलिस प्रशासन शराब से मौत की बात से लगातार इंकार करती रही। वहीं मृतकों के स्वजन शराब से मौत को लेकर सवाल उठा रहे थे। इस कांड के बाद बिहार की सियासत गर्मा गई थी। नीतीश सरकार पर विपक्ष लगातार हमलावर थी। अंतत: सीएम नीतीश कुमार ने शराब कांड मामले की जांच के लिए टीम गठित की और जब टीम नवादा पहुंच कर जांच करनी शुरू की तो शराब पीने से 15 लोगों की हुई मौत पर से पर्दा हट गया। यहीं नहीं इस मामले में अब तक 7 अलग-अलग एफआइआर दर्ज हुई है। नवादा के डीएम यशपाल मीना ने भी आखिरकार 15 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी।

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