February 19, 2026

भागलपुर में लापता युवक का शव बरामद: बॉडी के तीन टुकड़े मिले, सिर और पैर गायब, मचा हडकंप

  • तीन दोस्त गिरफ्तार, कबूला जुर्म, पैसों के लेनदेन में हुई हत्या

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में एक बेहद वीभत्स और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। नाथनगर थाना क्षेत्र से तीन दिनों से लापता युवक का शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। युवक की हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि उसका शव तीन टुकड़ों में काट दिया गया था। सिर और पैर गायब हैं, जबकि धड़ को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर जमीन में दफना दिया गया था। यह घटना न केवल क्रूरता की हदें पार करती दिखी, बल्कि आपसी विश्वास और दोस्ती पर भी गहरे सवाल खड़े करती है।
राघोपुर पंचायत में मिला शव
यह सनसनीखेज मामला नाथनगर थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत अंतर्गत शाहपुर पुलिया के पास का है। पुलिस को सूचना मिली कि वहां जमीन के भीतर कुछ संदिग्ध दबा हुआ है। जब पुलिस ने खुदाई कराई तो प्लास्टिक के बोरे में बंद युवक का धड़ बरामद हुआ। शव को देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। मृतक के दोनों हाथ मोटी प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे और शरीर को जैकेट पहनाकर उसका चैन पूरी तरह बंद किया गया था, ताकि पहचान मुश्किल हो सके।
मृतक की पहचान और गुमशुदगी
मृतक की पहचान अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। वह मसकन बरारीपुर निवासी कपड़ा कारोबारी संतोष दास का भांजा था। अभिषेक 23 दिसंबर से लापता था। परिजनों के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकला था कि ऑटो वाले को पैसे देकर आ रहा है। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार ने उससे संपर्क करने की कोशिश की। अगले दिन, 24 दिसंबर को नाथनगर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
आखिरी बार हुई बातचीत
मृतक के मामा संतोष दास ने बताया कि 23 दिसंबर की रात अभिषेक ने फोन पर कहा था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। ठंड के कारण घरवालों को नींद आ गई। सुबह करीब चार बजे जब नींद खुली तो अभिषेक घर में नहीं था। फोन करने पर उसने बताया कि वह जमालपुर में है। जब उससे वहां जाने की वजह पूछी गई तो उसने कहा कि अभी लौट आएगा। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया और उससे कोई संपर्क नहीं हो सका।
पुलिस जांच में खुला राज
गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के कुछ दोस्तों पर शक हुआ। शक के आधार पर पुलिस ने मिर्जापुर निवासी राधे और ऋतिक को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया। इसके बाद इस मामले में तीसरे आरोपी आयुष को भी गिरफ्तार किया गया।
हत्या का खौफनाक तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या बेहद सुनियोजित और क्रूर तरीके से की गई। पहले अभिषेक की जांघ में गोली मारी गई थी। इसके बाद उसकी मौत होने पर इलेक्ट्रॉनिक मशीन, जिसे हेक्सा ब्लेड बताया जा रहा है, से शव के तीन टुकड़े किए गए। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शव के सिर और पैर को गंगा नदी में फेंक दिया गया था, ताकि पहचान न हो सके और सबूत मिटाए जा सकें।
पैसों के लेनदेन में हत्या
पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह पैसों का लेनदेन था। मृतक के पिता धर्मेंद्र दास ने बताया कि अभिषेक ने अपने दोस्त राधे को किस्त पर मोबाइल दिलाया था। राधे किस्त के पैसे नहीं दे रहा था, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पहले यह विवाद कहासुनी तक सीमित था, लेकिन बाद में यह हत्या में बदल गया। परिवार का कहना है कि घर में किसी तरह का विवाद नहीं था और अभिषेक का अपनी पत्नी से भी कोई झगड़ा नहीं था। वह ढाई महीने के बच्चे का पिता था।
आरोपी दोस्त और उनकी पृष्ठभूमि
मृतक के मामा के अनुसार, आरोपियों में एक युवक ऑटो चालक है, जबकि दूसरा पहले ऑटो चलाता था लेकिन बाद में उसने यह काम छोड़ दिया था। अभिषेक की इनसे दोस्ती थी और वह अक्सर उनके संपर्क में रहता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही दोस्त उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी, डीएसपी-2 और नाथनगर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। डीएसपी-2 राकेश कुमार ने बताया कि हत्या के आरोप में राधे, ऋतिक और आयुष को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सिर और पैर की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और गंगा किनारे खोज अभियान चलाया जा रहा है।
इलाके में डर और आक्रोश
इस जघन्य हत्या के बाद इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि पैसों के छोटे से विवाद में इतनी निर्दयता से हत्या की जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक है। भागलपुर की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है। दोस्ती और भरोसे के रिश्ते में हुई इस निर्मम हत्या ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपसी विवाद और लालच किस हद तक इंसान को हैवान बना सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से मिल पाता है।

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