January 30, 2026

पटना में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ रेलवे फुटओवर ब्रिज पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी भी फरार है। इस मामले में थानों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद भी सामने आया है, जिसके चलते मामले की जांच में देरी हुई। सोमवार की शाम बिहटा बाजार स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पास दो युवकों ने एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने सोमवार सुबह अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद परिजनों ने आईआईटी अमहारा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को दो युवकों ने शाम के समय घर से ले जाया और रात करीब 1 बजे रेलवे फुटओवर ब्रिज के नीचे उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आईआईटी थाना प्रभारी शिवशंकर कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लई बाजार से एक आरोपी विजय कुमार (20) को गिरफ्तार कर लिया। विजय कुमार बिहटा के लई गांव निवासी बुधन महतो का पुत्र है। दूसरे आरोपी करण कुमार, जो भुवनेश्वर नट का पुत्र है, अभी भी फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए पटना भेजा गया है।  इस मामले में पुलिस थानों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद भी सामने आया है। आईआईटी थाना ने शुरू में मामला दर्ज किया, लेकिन बाद में इसे बिहटा रेल थाना को सौंप दिया, क्योंकि घटना रेलवे क्षेत्र में हुई थी। हालांकि, रेल थाना प्रभारी आरती सिंह ने दावा किया कि घटनास्थल बिहटा थाना क्षेत्र में आता है। इस विवाद के चलते मामले को दर्ज करने में देरी हुई, लेकिन अंततः आईआईटी थाना ने ही केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की। यह घटना बिहार में बढ़ते यौन अपराधों की एक और कड़ी है। मई महीने में अब तक राज्य में 16 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से 6 अकेले पटना में हुई हैं। इनमें नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म, शराब पिलाकर बेहोश करने और होटलों में ले जाकर यौन हिंसा की घटनाएं शामिल हैं।  इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और थानों के बीच समन्वय की कमी ने मामले को जटिल बना दिया है। पीड़िता का मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि उसके साथ कितनी बर्बरता हुई है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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