एलपीजी बुकिंग और राशन कार्ड में हुए कई बदलाव, नया नियम लागू
पटना। 25 जुलाई से सरकार ने आम जनता से जुड़े दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों—राशन वितरण और एलपीजी गैस वितरण—में बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, तकनीकी सुधार के जरिए भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाना है। ये बदलाव हर उस व्यक्ति को प्रभावित करेंगे जो सरकारी सस्ते राशन और एलपीजी सब्सिडी का लाभ लेता है।
राशन कार्ड को आधार से जोड़ना अनिवार्य
नए नियमों के तहत अब हर राशन कार्डधारी को अपना राशन कार्ड आधार नंबर से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे डुप्लीकेट और फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगेगी। अब तक कई लोग दो-दो राशन कार्ड बनवाकर सरकारी राशन का दुरुपयोग कर रहे थे। वहीं कुछ लोग झूठे दस्तावेज़ों के सहारे सस्ते राशन का लाभ उठा रहे थे। अब यह सब बंद हो जाएगा। इसके अलावा, जब भी कोई व्यक्ति राशन लेने जाएगा, तो अब उसे आधार आधारित पहचान देनी होगी, जैसे उंगली के निशान या आंख की स्कैनिंग के जरिए पहचान की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि राशन उसी व्यक्ति को मिले जिसके नाम पर कार्ड बना है। यह तकनीकी पहल सिस्टम में पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है।
गैस बुकिंग और डिलीवरी में पारदर्शिता
एलपीजी गैस कनेक्शन से संबंधित एक अहम बदलाव यह है कि अब जब कोई गैस सिलेंडर बुक करेगा, तो उस पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपभोक्ता को उसके मोबाइल फोन पर दी जाएगी। गैस की बुकिंग से लेकर भराई और डिलीवरी तक की हर गतिविधि की ट्रैकिंग उपभोक्ता अपने मोबाइल पर एसएमएस या ऐप के जरिए कर सकेगा। इससे गैस डिलीवरी में होने वाली धांधली, जैसे फर्जी डिलीवरी एंट्री या समय पर गैस न पहुंचने जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। उपभोक्ता स्वयं जान सकेगा कि गैस कब भरी गई, कब रवाना हुई और कब डिलीवरी होनी है।
सब्सिडी पाने के लिए दस्तावेजों की शुद्धता अनिवार्य
गैस सब्सिडी को लेकर भी एक सख्त नियम लागू हुआ है। अब सब्सिडी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी जिनका आधार, बैंक खाता और गैस कनेक्शन आपस में सही तरीके से लिंक है। पहले कई ऐसे उपभोक्ता भी सब्सिडी का लाभ उठा रहे थे जिनके दस्तावेजों में त्रुटि थी या जिन्होंने जानबूझकर गलत जानकारी दी थी। अब ऐसी प्रवृत्तियों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाएगा। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत मिलने वाले गैस कनेक्शनों को खासतौर पर इस नियम के तहत नियंत्रित किया गया है, ताकि गरीबों और वास्तविक लाभार्थियों तक ही सब्सिडी पहुंच सके।
दस्तावेज अपडेट न होने पर लाभ रुक सकता है
नए नियमों के अंतर्गत यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के दस्तावेज अपडेट नहीं हैं, उन्हें तुरंत सुधार कराना आवश्यक है। अगर आधार नंबर राशन कार्ड या गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है, बैंक डिटेल में गड़बड़ी है या कोई अन्य त्रुटि है, तो 25 जुलाई के बाद ऐसे लोगों को राशन और गैस दोनों सुविधाएं मिलना बंद हो सकती हैं। ऐसे में आम जनता को चेताया गया है कि वे समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करवा लें। सरकार का यह कदम आम आदमी की सुविधा, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। हालांकि, जिन लोगों के दस्तावेज पहले से ही सही और अपडेटेड हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। लेकिन जो लोग लापरवाही बरतते हैं या जानबूझकर गड़बड़ी करते हैं, उनके लिए यह बदलाव सख्त चेतावनी के रूप में है। समय रहते दस्तावेजों को सही करवा लेना ही समझदारी होगी।


