प्राइवेट स्कूलों के बच्चों का आधार पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य, शिक्षा विभाग ने दिया एक सप्ताह का समय
पटना। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों के बच्चों का आधार कार्ड अपडेट करने को अनिवार्य बना दिया है। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर छात्रों के आधार विवरण को अपडेट करने की प्रक्रिया में कई निजी स्कूलों द्वारा शिथिलता बरतने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों ने बिना आधार के ही बच्चों के नाम पोर्टल पर दर्ज किए हैं, वे एक सप्ताह के भीतर उन्हें आधार कार्ड के साथ अपडेट कर दें। इसके लिए 28 सितंबर को अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। अगर इस निर्धारित अवधि में यह काम पूरा नहीं होता है, तो संबंधित निजी विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से यह जानकारी दी गई है कि कई निजी स्कूलों ने बिना आधार के ही बच्चों के नामों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपडेट कर दिया है, जो नियमों का उल्लंघन है और विभाग के लिए बेहद आपत्तिजनक है। इसके विपरीत, सरकारी स्कूलों ने अपने 95% से अधिक छात्रों का आधार कार्ड पहले ही पोर्टल पर अपडेट कर दिया है, जबकि निजी स्कूल इस प्रक्रिया में पीछे हैं। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में नामांकित छात्रों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। आधार अपडेट करने के इस निर्देश का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और छात्रों की सही पहचान को सुनिश्चित करना है। आधार कार्ड के जरिए छात्रों की पहचान और उपस्थिति की निगरानी करना आसान हो जाता है, जिससे सरकारी योजनाओं और सब्सिडियों का लाभ सही छात्रों तक पहुंच सके। इसके अलावा, आधार के माध्यम से छात्रों के नामांकन, उपस्थिति और प्रदर्शन पर निगरानी रखने में भी मदद मिलेगी। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि पटना जिले में आधार कार्ड बनवाने के लिए 46 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 44 केंद्र अभी भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इन केंद्रों पर छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनवाए जा सकते हैं, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के अपना आधार पोर्टल पर अपडेट कर सकें। इन केंद्रों का उपयोग उन बच्चों के लिए किया जा सकता है, जिनके पास अभी तक आधार कार्ड नहीं है या जिन्हें अपना आधार विवरण अपडेट करना है। यह निर्णय बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा लिया गया है, जो राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के लिए सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए काम कर रहा है। आधार कार्ड अनिवार्यता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में समस्या न हो और उनकी पहचान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या त्रुटि न हो। शिक्षा विभाग का यह कड़ा रुख यह भी दर्शाता है कि आधार कार्ड के महत्व को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता। सभी निजी और सरकारी विद्यालयों के लिए इसे अनिवार्य करना एक आवश्यक कदम है, जो प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगा। अंततः, यह निर्देश निजी विद्यालयों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, ताकि वे जल्द से जल्द अपने छात्रों का आधार अपडेट करें। अगर स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि सभी विद्यालय इस प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करें और अपने छात्रों के लिए आधार कार्ड को अपडेट करें, ताकि वे सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठा सकें।


