पटना सिविल कोर्ट की सुरक्षा में बड़ी चूक, हथियार के साथ घुसे दो अपराधी, सुरक्षाकर्मियों ने एक को किया गिरफ्तार

पटना। राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शामिल पटना सिविल कोर्ट परिसर में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हथियार के साथ पहुंचे दो बदमाशों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। नियमित जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक युवक को पिस्टल के साथ पकड़ लिया, जबकि उसका साथी मौके से फरार होने में सफल रहा। इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में दहशत का माहौल बन गया और न्यायालय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
सुबह की चहल-पहल के बीच संदिग्धों की एंट्री
घटना उस समय सामने आई, जब सुबह-सुबह सिविल कोर्ट में वकील, वादकारी और आम लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे थे। इसी दौरान दो युवक कोर्ट परिसर में प्रवेश करने के लिए मुख्य द्वार पर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों को दोनों का हाव-भाव संदिग्ध लगा। इसके बाद जब सामान्य प्रक्रिया के तहत तलाशी ली गई तो एक युवक के पास से पिस्टल बरामद हुई। हथियार मिलते ही सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। हालांकि, इसी बीच दूसरा युवक भीड़ का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया।
सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी
सुरक्षाकर्मियों की सूझबूझ से एक बदमाश तो पकड़ लिया गया, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि हथियार के साथ कोर्ट परिसर तक पहुंचना कैसे संभव हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं होती तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। पकड़े गए युवक को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसके पास से बरामद पिस्टल को जब्त कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। टाउन अनुमंडल के पुलिस उपाधीक्षक प्रथम तुरंत सिविल कोर्ट परिसर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके बाद पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया गया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस की टीम ने कोर्ट भवन, आसपास के रास्तों और पार्किंग क्षेत्र की गहन जांच की। फरार बदमाश की तलाश में पुलिस ने नाकेबंदी भी की है।
किस मकसद से पहुंचे थे बदमाश, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों बदमाश सिविल कोर्ट किस उद्देश्य से आए थे। आशंका जताई जा रही है कि वे किसी व्यक्ति को निशाना बनाने या किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हो सकते थे। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़ा गया युवक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है और गोलमोल जवाब दे रहा है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या नहीं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
फरार आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने सिविल कोर्ट परिसर और आसपास लगे बंद सर्किट कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों की मदद से फरार बदमाश की पहचान जल्द कर ली जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दोनों आरोपी कोर्ट परिसर में किस रास्ते से पहुंचे और फरार आरोपी किस दिशा में भागा।
अधिवक्ताओं में रोष, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
घटना के बाद अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश देखा गया। वकीलों का कहना है कि सिविल कोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार के साथ अपराधियों का पहुंचना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पहले भी कोर्ट परिसर की सुरक्षा को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह की घटना ने सभी को चिंता में डाल दिया है।
आम लोगों में भी दहशत का माहौल
घटना के बाद कुछ देर के लिए कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कई वादकारी और आम नागरिक अपनी सुनवाई छोड़कर बाहर निकलने लगे। हालांकि पुलिस और प्रशासन की तत्परता से स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया। इसके बावजूद लोगों के मन में डर बना हुआ है। कई लोगों का कहना है कि यदि अदालत परिसर ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो आम जनता खुद को कहां सुरक्षित महसूस करेगी।
सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने का दावा
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सिविल कोर्ट परिसर की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे से प्रवेश द्वारों पर जांच को और सख्त किया जाएगा और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि फरार बदमाश को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पटना सिविल कोर्ट में हुई इस घटना ने एक बार फिर न्यायालय परिसरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भले ही एक बदमाश को समय रहते पकड़ लिया गया हो, लेकिन दूसरे का फरार होना चिंता का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और कोर्ट परिसर की सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी गई है।

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