मधुबनी नरसंहार : महमदपुर गांव के लोगों के जेहन से खत्म नहीं होने वाला 2021 की होली, सत्ता पक्ष-विपक्ष ने सुशासन पर उठाया सवाल

पटना। बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में होली के दिन खेली गई खून की होली में एक ही परिवार के पांच भाइयों की हत्या ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। महमदपुर गांव में लगातार नेताओं को आना-जाना और पीड़ित परिवार को आश्वासन देने का सिलसिला जारी है। विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष भी नीतीश सरकार के सुशासन पर सवाल उठाया है। मंत्री नीरज कुमार बबलू और बाढ़ के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने इस घटना को हत्या नहीं बल्कि नरसंहार बताया है तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस हत्याकांड में सत्ता संरक्षित लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है। इसी बीच जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा है कि बिहार में नरसंहार की बात पुरानी हो गई है। मामले में जो भी दोषी होंगे, उन्हें स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा मिलेगी।
भाजपा नेताओं ने कहा- घटना नहीं, नरसंहार है
मधुबनी में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद मंत्री नीरज सिंह बबलू ने कहा कि यह घटना नहीं, नरसंहार है। पुलिस के निकम्मापन की वजह से ऐसा हुआ है। इसलिए पुलिस पर कार्रवाई होनी चाहिए। इतनी बड़ी घटना हुई है। हम मुख्यमंत्री से बात कर दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने की कोशिश करेंगे।
वहीं भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि आज पुलिस सिर्फ शराब पकड़ने और पैसा कमाने में ही व्यस्त है। दूसरे अपराधों को रोकने के लिए उनके पास समय नहीं है। मधुबनी की घटना इसका उदाहरण है, जिसमें एक ही जाति के छह लोगों की हत्या कर दी गई। समय आ गया है कि पुलिस को शराब पकड़ने के काम से मुक्त किया जाए, ताकि वह दूसरे अपराधों को रोकने का काम कर सके। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा दिलाने की मांग की।
राजद नेताओं का बयान
इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सत्ता संरक्षित लोग शामिल हैं। इन्हीं बेखौफ अपराधियों ने होली के दिन एक ही परिवार के 5 लोगों का जघन्य नरसंहार किया। नीतीश-भाजपा सरकार बताए कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं कि वो जब मर्र्जी, जहां मर्जी पूरे परिवार का नरसंहार कर देते हैं?
राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि मधुबनी की घटना में मुख्यमंत्री की चुप्पी साबित करती है कि अब स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने नीरज कुमार बबलू और सत्ता पक्ष के अन्य नेताओं के बयान पर कहा कि मुख्यमंत्री की अंतरात्मा कभी नहीं जगती है लेकिन उनके मंत्री भी इंसान हैं। उनकी अंतरात्मा जाग गई है। वह जान गए हैं कि बिहार में अपराध किस तरह कायम है और उसे रोकने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम है।
क्या हुआ था होली के दिन मधुबनी में
2021 के होली का दिन मधुबनी जिला के बेनीपट्टी के महमदपुर गांव के लोगों के जेहन से अब खत्म नहीं होने वाला है। इस कांड की बीज पिछले साल नवंबर में डाल दिया गया था। दरअसल, महमदपुर में हुए इस विभत्स हत्याकांड की वजह मछली पालन से जुड़ी है। मृतक सहोदर भाइयों के पिता सुरेंद्र सिंह अवकाश प्राप्त फौजी हैं। उनके अनुसार गांव के ही एक पोखर में मछली मारने को लेकर बगल के गैवीपुर गांव के प्रवीण झा (जो रावण सेना का संस्थापक बताया जाता है) और नवीन झा से विवाद चल रहा था। इस पोखर को उन्होंने लीज पर लिया है। इसमें दूसरे लोग भी मछली मार लेते थे। इसी बात पर नवंबर 2020 में उनके बड़े बेटे संजय सिंह और प्रवीण झा के बीच झगड़ा हुआ था। इस विवाद में संजय सिंह अभी भी जेल में हैं।
उसी झगड़े को महीनों से मन में दबाए प्रवीण झा सोमवार को जब पूरा बिहार रंग और अबीर-गुलाल खेल रहा था, इधर बेनीपट्टी के महमदपुर गांव में रावण सेना खून की होली खेल रही थी। कहा जाता है कि हत्याकांड को अंजाम मात्र 5 मिनट में दिया गया। रावण सेना के 10-12 लोग पहुंचे और सुरेंद्र सिंह के परिवार पर दिनदहाड़े गोलियां बरसा दी। बताया जाता है कि अपराधियों ने हर व्यक्ति को कम से कम 4-5 गोलियां मारी। इस घटना में परिवार के तीन लोगों की मौत अस्पताल ले जाने के क्रम में हो गई थी। वहीं परिवार के ही तीन और घायलों में एक की मौत अगले दिन मंगलवार देर शाम पटना में हुई। पटना में ही इलाजरत एक अन्य व्यक्ति की भी मौत की बात कही जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। एक अन्य घायल का दरभंगा के डीएमसीएच में इलाज चल रहा है। सभी मृतक और एक घायल आपस में भाई हैं। पीड़ित पक्ष के तीन सहोदर भाई और उनके दो चचेरे भाई की मौत हो चुकी है। भगवान का शुक्र है कि संजय सिंह अगर जेल में बंद नहीं रहता तो उसकी भी हत्या तय थी।
कौन-कौन हैं मृतक
इस हत्याकांड में गोलीबारी के दिन ही दो सहोदर भाई रणविजय सिंह और वीरेंदर उर्फ वीरू सिंह (दोनों की उम्र 40 के करीब) की मौत हो गई थी। साथ में चचेरे भाई राणा प्रताप सिंह (42 वर्ष) की भी मौत हो गई। रणविजय सिंह के एक और सहोदर भाई अमरेंद्र सिंह (33 वर्ष) की मौत मंगलवार देर शाम पटना में हुई। राणा प्रताप सिंह के सहोदर भाई रूद्र नारायण सिंह की भी मौत होने की बात कही जा रही है। इनके एक और भाई मनोज सिंह नाजुक हालत में भर्ती हैं।
हत्याकांड में कौन लोग हैं आरोपी
हत्याकांड के बाद प्रवीण झा और नवीन झा समेत 35 लोगों पर नामजद एफआइआर हुई है। पुलिस इस मामले में दो नामजद समेत 11 को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि मुख्य आरोपी प्रवीण झा, नवीन झा और भोला सिंह अभी भी फरार हैं। कहा जा रहा है कि वे सभी नेपाल भाग गए हैं और मृतक के पिता सुरेंद्र सिंह को अब भी धमकी दे रहे हैं।

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