विधानमंडल का बजट सत्र संपन्न : महिला विधायकों ने खेली होली मनायी, विपक्षी विधायकों की शैडो असेंबली, भूदेव बने अध्यक्ष

पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का बुधवार को समापन हो गया। बजट सत्र की कार्यवाही 21 दिनों तक चली। बजट सत्र के समापन के बाद विधानसभा के बाहर महिला सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली मनायी और एक-दूसरे को बधाई दी। डिप्टी सीएम रेणु देवी भी होली खेलते नजर आईं। जबकि बजट सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा के बाहर आंखों पर काली पट्टी लगाकर प्रदर्शन किया। कार्यवाही की पहली पाली में सदन के अंदर विपक्षी पार्टियों का कोई भी विधायक नहीं पहुंचा। सभी सीएम नीतीश कुमार से माफी की मांग करते रहे। विपक्ष के सभी विधायक विधानसभा परिसर में शैडो असेंबली बनाकर उसमें शामिल हुए। राजद के विधायक भूदेव चौधरी को अध्यक्ष बनाया गया।
अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
शैडो असेंबली का अध्यक्ष बनने के बाद भूदेव चौधरी को कुर्सी पर बिठाया गया। वहीं, विधायक अनिता देवी पैर में पट्टी बांधकर पहुंची। उनका कहना है कि पुलिस की मारपीट में उनका पैर टूट गया है। राजद विधायक सर्वजीत कुमार ने कहा कि जब तक पिटाई करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक राजद के विधायक सदन के अंदर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि 5 साल तक सदन विरोधीविहीन रहेगा। विपक्ष का कहना है कि बिहार में हिटलरशाही जैसा माहौल बना दिया गया है। विपक्ष को सदन के अंदर बोलने नहीं दिया जा रहा है। उनका अधिकार छीना जा रहा है। सदन के अंदर आवाज उठाने पर पुलिस और मार्शल के जरिए विपक्ष के विधायकों की पिटाई की जा रही है, ऐसी परिस्थितियों में विपक्ष का कोई भी विधायक कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगा।


बोले महबूब आलम, सदन के अंदर जाने से डर लग रहा
वहीं भाकपा(माले) के विधायक महबूब आलम ने कहा कि विधानसभा में अभी भी बिहार पुलिस के जवान मौजूद हैं। उनके हाथों में लाठी है। सदन के अंदर जाने से डर लग रहा है। जनता के प्रति वफादार बनने के लिए, उनके लिए कर्तव्य निभाने के लिए सदन के अंदर नहीं जाएंगे। विधानसभा परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। डीएम और एसपी भी पहुंचे हैं।
विधान परिषद में हंगामा
इधर, विधान परिषद में पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। कार्यवाही के दौरान राजद के सभी विधान पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। राजद के कई एमएलसी चूड़ी लेकर सदन के अंदर पहुंच गए थे। वे वेल में आकर हंगामा करने लगे। हंगामे को बढ़ता देख विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कार्यवाही को 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दूसरी पाली में जदयू के विधान पार्षद संजय सिंह वेल में पहुंच गए। इस दौरान विपक्ष के सदस्यों से तीखी नोकझोंक हुई। विधेयक की कॉपी फाड़ते हुए विपक्ष के सदस्य वॉकआउट कर गए। इसके तत्काल बाद विपक्षी सदस्यों की गैरहाजिरी में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 पारित हो गया।

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