चुनाव लड़ने की पात्रता पर संकट में लालू परिवार : प्रभाकर मिश्र
- लैंड फॉर जॉब मामले में ट्रायल तय, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर अदालत की मुहर
पटना। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने कहा कि लैंड फॉर जॉब मामले में सामने आए तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया की दिशा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार गंभीर कानूनी संकट में है। यह कोई राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि सीबीआई की जांच, चार्जशीट और अदालत की कार्यवाही पर आधारित तथ्य हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित कुल 41 आरोपियों के विरुद्ध नियमित ट्रायल चलाने की अनुमति दी है। अदालत ने माना है कि चार्जशीट में ऐसे पर्याप्त और प्रथम दृष्टया ठोस साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर मुकदमा चलाया जाना न्यायोचित है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला रेलवे में नियुक्तियों के बदले भूमि हस्तांतरण जैसे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है, जिसकी जांच देश की शीर्ष एजेंसी सीबीआई ने की है। ऐसे मामलों में अदालत की अनुमति के बाद ट्रायल का मतलब है कि अब आरोपों की न्यायिक जांच खुले रूप में होगी, जिससे सच्चाई सामने आएगी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में किए गए कृत्यों का बोझ अपने पूरे परिवार पर डाल दिया। कानून अपना काम करेगा और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो इसके गंभीर कानूनी और राजनीतिक परिणाम होंगे। ऐसे मामलों में दोषसिद्धि की स्थिति में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव लड़ने की पात्रता पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि लालू परिवार की मौजूदा स्थिति किसी राजनीतिक प्रतिशोध का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून के शिकंजे का परिणाम है। भाजपा का मानना है कि देश और बिहार की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि जो लोग वर्षों तक सामाजिक न्याय की बात करते रहे, वे किस तरह से सत्ता का दुरुपयोग करते रहे।दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून सबके लिए समान है, चाहे व्यक्ति कितना ही बड़ा राजनीतिक नाम क्यों न हो। लैंड फॉर जॉब मामला लालू परिवार के राजनीतिक भविष्य के लिए एक गंभीर मोड़ साबित हो रहा है।


