December 6, 2022

खाजेकलां घाट पर अब लकड़ी और बिजली के बाद गैस से होगा शवों का संस्कार

पटना सिटी (आनंद केसरी)। खाजेकलां घाट के दिन भी अब बहुरेंगे। पटना नगर निगम के तहत बांस घाट, गुलबी घाट और खाजेकलां घाट को ही शवों के अंतिम संस्कार की मान्यता है। बांस घाट और गुलबी घाट का कायाकल्प हो चुका है। मगर खाजेकलां घाट अब भी उपेक्षित है। लोगों के इस पीड़ा को ध्यान में रखते हुए पथ निर्माण मंत्री सह स्थानीय विधायक नंदकिशोर यादव ने इस संबंध में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात की। इस घाट के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए 2 करोड़ की राशि सांसद कोष से मांगी। इस पर मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडियन आयल कारपोरेशन से बात की कंपनी के द्वारा सामाजिक दायित्व के निर्वहन के तहत कारपोरेशन सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत सार्वजनिक कार्य कराए जाते हैं। इस संबंध में आईओसी के सुब्रत वर्मा और बिहार झारखंड के हेड सत्येंद्र शर्मा खाजेकलां घाट का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान मंत्री नंदकिशोर यादव ने बताया कि घाट पर दो काम होगा। पहले चरण में स्नान घाट का निर्माण होगा। इसमें सीढ़ी के सबसे नीचे बैरिकेडिंग स्थाई रूप से बना होगा। पानी जितना घटेगा, तो भी सीढ़ी दिखेगा और लोगों को आगे जाने से बैरिकेडिंग रोकेगा। वही पानी का स्तर बढ़ने पर भी सीढ़ी दिखाई देगा। पूर्व के अनुभव से बचते हुए इस बार ठोस दीवार और बोल्डर से काम कराया जा रहा है ताकि गंगा निर्माण को अपने गर्भ में ना समा ले। स्थल निरीक्षण के दौरान आइओसी के दोनों अधिकारी ने पाया की 10 करोड़ की राशि कम पड़ जाएगी। इसलिए इस राशि को बढ़ाकर 20 करोड़ 80 लाख कर दिया गया है।

स्नान घाट पर सीढ़ी के अलावे लोगों के बैठने, कपड़ा बदलने, बाथरूम, शौचालय और बड़ा मीटिंग हॉल लोगों के बैठने के लिए होगा। वहीं श्मशान घाट पर शेड का निर्माण होगा। हर मौसम की मार सहते हुए भी लोग शवों का अंतिम संस्कार ढंग से कर सकेंगे। संस्कार के पूर्व गंगा से पानी लाने और अन्य कार्य के लिए नीचे उतरने और ऊपर आने के लिए सीढ़ियों का भी निर्माण होगा। सबसे अच्छी बात यह होगी कि खाजेकलां घाट पर अभी तक शवों का संस्कार लकड़ी और बिजली की मदद से किया जाता था। मगर श्मशान घाट के निर्माण के बाद अब शवों का संस्कार गैस से भी किया जा सकेगा। शायद बिहार का यह पहला खाजेकलां घाट होगा, जहां शवों का संस्कार गैस से किया जा सकेगा। स्नान घाट और श्मशान घाट का निर्माण एक साल के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निरीक्षण के दौरान मंत्री के आप्त सचिव प्रभाकर मिश्र, विधायक प्रतिनिधि रंजीत सिन्हा, राजेश साह, ज्ञानवर्धन मिश्र, नितिन कुमार रिंकू, मुरारी राय, मुकेश रजक आदि मौजूद थे

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