February 14, 2026

राम जन्मभूमि निर्माण के ट्रस्टी और पूर्व एमएलसी कामेश्वर चौपाल का निधन, 68 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली/पटना। राम जन्मभूमि निर्माण के ट्रस्टी और बिहार के पूर्व एमएलसी कामेश्वर चौपाल का 68 साल की उम्र में निधन हो गया। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में गुरुवार देर रात उन्होंने आखिरी सांस ली। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे उनका पार्थिव शरीर पटना पहुंचेगा। अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी ऑफिस और विधान परिषद में रखा जाएगा। सुपौल के मरौना प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव कमरैल में अंतिम संस्कार हो सकता है। कामेश्वर चौपाल बीते कई दिनों से बीमार थे। उन्हें किडनी की बीमारी थी। उनकी बड़ी बेटी लीला देवी ने उन्हें किडनी डोनेट की थी, लेकिन इंफेक्शन होने की वजह से हालत में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने ही राम मंदिर निर्माण के लिए रखी पहली ईंट रखी थी। आरएसएस ने उन्हें प्रथम कारसेवक का दर्जा भी दिया था। कामेश्वर चौपाल ने ही रोटी के साथ राम का नारा दिया था। 9 नवंबर 1989 को राम मंदिर निर्माण शिलान्यास कार्यक्रम में वो बतौर विश्व हिंदू परिषद के बिहार के सह संगठन मंत्री के नाते पहुंचे थे। धर्मगुरुओं ने कामेश्वर चौपाल से ही शिलान्यास के लिए पहली ईंट रखवाई थी। पहली ईंट उनसे रखवाई जाने की बात सुनने के बाद कामेश्वर चौपाल चौंक गए थे। उस वक्त कामेश्वर चौपाल ने बताया था कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि धर्मगुरुओं ने किसी दलित से ईंट रखवाने का फैसला लिया है, लेकिन वे खुद होंगे, यह उनके लिए संयोग रहा। 2020 विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सीएम पद के लिए जहां नीतीश कुमार का नाम फाइनल था। वहीं डिप्टी सीएम की रेस में कामेश्वर चौपाल का नाम भी था। 1991 कामेश्वर चौपाल रामविलास पासवान के खिलाफ लड़े थे। उस वक्त समस्तीपुर की जगह रोसड़ा रिजर्व सीट थी। 2014 में बीजेपी ने सुपौल से पप्पू यादव की पत्नी और कांग्रेस प्रत्याशी रंजीता रंजन के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली।
पिछले साल हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट
कामेश्वर चौपाल की दोनों किडनी फेल हो चुकी थी। 23 अगस्त 2024 को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। बड़ी बेटी लीला देवी ने किडनी डोनेट की थी। ट्रांसप्लांट सफल रहा था, लेकिन एक महीने के बाद ही इंफेक्शन हो गया जिसका इलाज हुआ। स्वस्थ होने के बाद वो घर आए गए थे, पर फिर से इंफेक्शन हो जाने के कारण गंगाराम में भर्ती थे। कामेश्वर चौपाल की दो बेटी (लीला देवी, प्रतिभा देवी) और एक बेटे विद्यानंद विवेक हैं। विद्यानंद विवेक पेशे से इंजीनियर हैं और बिहार सरकार में पोस्टेड हैं।
सीएम नीतीश कुमार समेत कई नेताओं ने जताया शोक
सीएम नीतीश कुमार ने पूर्व एमएलसी के निधन पर शोक जताया है। कामेश्वर चौपाल के निधन पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक जताया है। सुपौल के सिंघेश्वर से आरजेडी विधायक चंद्रहास ने भी इसे अपूरणीय क्षति बताई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निधन पर शोक जताते हुए कहा- सनातन संस्कृति, राष्ट्रसेवा और सामाजिक समरसता के लिए उनका योगदान हमेशा याद रहेगा।
राम मंदिर निर्माण में मोदी और योगी का योगदान
कामेश्वर चौपाल राम मंदिर के निर्माण में सबसे अधिक योगदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानते थे। उन्होंने कहा था कि ‘नरेंद्र मोदी ने टूटे हुए मन को जोड़ने का काम किया है। इसमें योगी और मोदी दोनों का ही अभूतपूर्ण योगदान है। पहले भी सरकारें थीं, जो कहती थी कि राम हैं ही नहीं और राम काल्पनिक हैं, लेकिन मोदी और योगी ने सीना ठोक कर कहा कि राम परम ब्रह्म परमेश्वर हैं और भारत के राम, कृष्ण और शंकर महानायक हैं।’ सुपौल के रहने वाले कामेश्वर चौपाल का कहना था कि ‘राम मंदिर बनने से पहले हमारे समय में कम से कम एक दशक तक आंदोलन चल चुका था। 100 सालों से लोग संघर्ष इस आशा और विश्वास के साथ कर रहे थे कि राम के जन्म भूमि पर आज नहीं तो कल भव्य और दिव्य मंदिर बनेगा। हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे थे और पता था कि सत्य आज नहीं तो कल सामने आएगा।’

You may have missed