February 15, 2026

JDU को पारंपरिक वोट बैंक अति पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ महिला मतदाताओं से आस

पटना/खगड़िया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी चुनावी सभाओं में महिलाओं एवं पिछड़े वर्ग को आगे बढ़ाने और उनके सशक्तीकरण के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाये गए कदमों को गिना रहे हैं और विपक्ष की बातों से गुमराह नहीं होने की अपील कर रहे हैं। क्योंकि विधानसभा चुनाव में एनडीए को महागठबंधन से कड़ी चुनौती मिल रही है। यह कोई नहीं कह सकता है कि ऊंट किस करवट बैठेगा। ऐसे में जदयू अपने पारंपरिक वोट बैंक अति पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ महिला मतदाताओं से आस लगाए हुए है।
शुक्रवार को खगड़िया जिला और परबत्ता में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि आज लोग बोल रहे हैं लेकिन पहले कितना बुरा हाल था महिलाओं का। पहले महिलाओं की उपेक्षा की जाती थी, किसी ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। लालू यादव पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अंदर (जेल) गए तो पत्नी को गद्दी पर बिठा दिया, लेकिन इसके अलावा महिलाओं के लिये कोई काम नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्हें काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने पंचायतों एवं शहरी निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि अब पंचायतों एवं शहरी निकायों में महिलाओं एवं पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ गया है, उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिला है और उनकी इज्जत बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार आगे बढ़ा है, तो उसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं की सहभागिता है। महिलाओं को आगे बढ़ाना हमारी प्रतिबद्धता है।
नीतीश कुमार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए विश्व बैंक से कर्ज लेकर जीविका समूह का गठन किया गया और आज जीविका समूह का काफी विस्तार हुआ है। महिलाओं को जोड़ने का प्रयास करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू शराबबंदी का भी जिक्र किया। नीतीश ने कहा कि उनकी सरकार ने न्याय के साथ विकास सुनिश्चित किया और अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े, अतिपिछड़े, महादलितों सभी को आगे बढ़ाने का काम किया, जिन्हें पहले कोई पूछता नहीं था। सीएम ने कहा कि पहले शहरों में भी बिजली नहीं मिलती थी। हमने लालटेन के युग को खत्म कर हर घर में विकास की रोशनी पहुंचाई है। उन्होंने लोगों से विपक्ष की बातों से गुमराह होने से बचने की अपील करते हुए कहा कि कौन क्या बोलता है, कौन क्या गड़बड़ करता है, यह सभी को मालूम है। विपक्ष न काम करने का अनुभव है, न कोई काम करना चाहते हैं। सिर्फ इधर-उधर की बातें करते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने सभी क्षेत्र और समाज के हर तबके के लोगों के विकास के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ काम रह गया है तब चुनाव के बाद वह फिर आयेंगे और लोगों से बात करके उसे पूरा किया जाएगा। केंद्र और राज्य के मिलकर काम करने का उल्लेख करते हुए नीतीश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिहार के विकास के वास्ते अनेक योजनाएं दी हैं। अगर आप हमें काम करने का एक और मौका देते हैं तब बिहार को और आगे बढ़ायेंगे, विकसित राज्य बनाएंगे।
राजद के शासनकाल का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले न पढ़ाई की व्यवस्था थी, न इलाज का इंतजाम था और न लोगों के आने-जाने की सुविधा थी और शाम के बाद लोगों की घर से निकलने की हिम्मत नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि पहले कितनी अपराध की घटनाएं होती थीं, कितने नरसंहार, हत्या की घटनाएं होती थीं। हमने अपराध की घटनाओं को नियंत्रित करने का काम किया है। हमने बिहार में कानून का राज कायम किया।

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