December 10, 2022

प्रदेश में ध्‍वस्‍त हो गई है शासन व्‍यवस्‍था: पप्‍पू यादव

जाप(लो) की नारी बचाओ पदयात्रा का दूसरा चरण मुजफ्फरपुर से शुरू

मुजफ्फरपुर/पटना। जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्‍ट्रीय संरक्षक सह सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव ने कहा कि मेरी लड़ाई बिहार की बे‍टी, गरीब, मजलूम, वंचितों और आम लोगों को बचाने की है। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में सिस्‍टम पूरी तरह से कोलैप्‍स हो गया है। सत्ता पक्ष को आम लोगों से कोई मतलब नहीं और विपक्ष का कोई मतलब नहीं र‍ह गया है। यही वजह है कि आज यहां आये दिन हत्‍या और बलात्‍कार जैसे गंभीर मामले आम हो गए हैं। प्रशासन का इकबाल पूरी तरह से खत्‍म हो गया है। इसलिए हमारी लड़ाई किसी व्‍यक्ति – विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्‍टम के खिलाफ है, जो ब्रजेश ठाकुर और मनीषा दयाल जैसे लोगों को पैदा करते हैं। हमारी लड़ाई उन नेताओं, दलालों, माफियाओं, पदाधिकारियों और पूंजीपतियों के खिलाफ है, जो मानवता का सौदा करते हैं। जाति और धार्मिक उन्‍माद पैदा करते हैं, जो भारत को धर्म व जाति के नाम पर मिटाना चाहते हैं।

पप्‍पू यादव ने ये बातें आज जन अधिकार पार्टी (लो) द्वारा आयोजित नारी बचाओ पदयात्रा के दूसरे चरण की शुरूआत से पूर्व मुजफ्फरपुर के महेश लाल इंटर बनवारी कॉलेज में एक जनसभा के दौरान कही। उन्‍होंने कहा कि पप्‍पू यादव की शहादत से मानवता का कल्‍याण होगा तो हम उसके लिए भी तैयार हैं। हमारा उद्देश्‍य इंसान के आंसू पोछने का है, समाज को जोड़ने और बचाने की है। हमारी लड़ाई युवाओं के भविष्‍य के लिए है, जाति-धर्म में समरसता के लिए है, बिहार को बचाने के लिए है। बेटी को बचाने के लिए है। बेटी को बचाने के लिए ही नारी बचाओ पदयात्रा की शुरुआत जन अधिकार पार्टी(लो) ने की है, जिसे व्‍यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्‍होंने युवाओं और छात्रों पर भरोसा जताते हुए कहा कि मानवता की रक्षा के लिए छात्र व नौजवान तैयार हैं। नारी सम्‍मान और प्रतिष्‍ठा की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। बिहार की 11 करोड़ आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्‍पर हैं। लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत है और जनता की आवाज बनने के लिए हमारे साथी तत्‍पर हैं। उन्‍होंने कहा कि बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। विपक्ष नाकारा साबित हो रहा है। वैसे में जन अधिकार पार्टी (लो) तीसरा विकल्प देने को तैयार है।

इस विशाल जनसभा में पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष अखलाक अहमद, रघुपति प्रसाद सिंह, एजाज अहमद, अकबर अली परवेज, राघवेंद्र कुशवाहा, प्रेमचंद सिंह, राजेश रंजन पप्‍पू, चक्रपाणि हिमांशु, उमैर खान, संदीप समदर्शी, गौतम आनंद, आजाद चांद, प्रिया राज, शंशाक मोनू समेत मुजफ्फरपुर के तमाम नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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