February 18, 2026

मुजफ्फरपुर में दरोगा 15 हजार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी विभाग की टीम ने दबोचा

मुजफ्फरपुर। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना में तैनात एक पुलिस अवर निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान वर्ष 2019 बैच के अवर निरीक्षक भास्कर कुमार मिश्रा के रूप में हुई है। उन्हें थाना परिसर के पास स्थित एक चाय की दुकान से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए निगरानी टीम ने दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवर निरीक्षक भास्कर कुमार मिश्रा सदर थाना क्षेत्र में दर्ज एक बच्चे के अपहरण मामले की जांच कर रहे थे। वह इस मामले के अनुसंधानकर्ता अधिकारी थे और जांच से संबंधित सभी जिम्मेदारियां उनके पास थीं। इस मामले के वादी अमन कुमार ने आरोप लगाया कि उनके भाई का नाम इस अपहरण मामले में संदिग्ध के रूप में सामने आया था। अमन कुमार के अनुसार, दरोगा भास्कर कुमार मिश्रा ने उनके भाई का नाम केस डायरी से हटाने और मामले को कमजोर करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने इसके बदले 50 हजार रुपए की मांग की थी। साथ ही यह भी आश्वासन दिया था कि यदि रिश्वत की रकम दी जाती है, तो उनके भाई को जांच में राहत दी जाएगी और केस को कमजोर कर दिया जाएगा। वादी अमन कुमार ने बताया कि वह रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन दरोगा द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने के कारण उन्हें मजबूर होना पड़ा। दरोगा ने कई बार फोन और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत और मोलभाव के बाद रिश्वत की राशि 50 हजार रुपए से घटाकर 30 हजार रुपए तय की गई। यह राशि दो किस्तों में देने पर सहमति बनी, जिसमें पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपए और दूसरी किस्त बाद में देने की बात तय हुई। इस पूरे घटनाक्रम से परेशान होकर अमन कुमार ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने दरोगा द्वारा रिश्वत मांगने और दबाव बनाने की पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले को गंभीरता से लिया और गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि दरोगा वास्तव में रिश्वत की मांग कर रहे थे। इसके बाद निगरानी टीम ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।बुधवार को जब अमन कुमार रिश्वत की पहली किस्त देने के लिए सदर थाना पहुंचे, तब निगरानी टीम के सदस्य पहले से ही सादे कपड़ों में वहां तैनात थे। दरोगा भास्कर कुमार मिश्रा ने अमन कुमार को थाना परिसर के बगल में स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाया। जैसे ही अमन कुमार ने उन्हें 15 हजार रुपए की रिश्वत दी और दरोगा ने पैसे अपने हाथ में लिए, निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के उपाधीक्षक संजय कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी अवर निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ पटना ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जांच के दौरान आरोपी से यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या वह पहले भी इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल रहा है। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस अधिकारी पर कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी थी, वही रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इस कार्रवाई से आम लोगों में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और निगरानी एजेंसियां सख्त कदम उठा रही हैं। स्थानीय लोगों ने निगरानी विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा लगातार इस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई निश्चित है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से अन्य सरकारी अधिकारियों को भी सख्त संदेश मिला है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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