हॉर्स ट्रेडिंग मामले में जेल जाएंगे तेजस्वी के ‘खास-खास’ खिलाड़ी!ईओयू बिग एक्शन मोड में,पोलिटिकल पावर ब्रोकर, ठेकेदार, बालू माफिया..किसकी फंडिंग-कितने मैनेजर..

पटना।(बन बिहारी)पिछले वर्ष 2024 के फरवरी में नीतीश सरकार के विश्वासमत के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने तेज कर दी है। अब तक की जांच में विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में एक दर्जन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। जिनमें से ज्यादातर के संबंध राजद नेतृत्व के साथ बताया जा रहा है। संभवत: इनमें से अधिकांश को गिरफ्तार भी कर लिया जा सकता है।अगर ऐसा हुआ तो चुनाव के ठीक पहले इन खास ‘खिलाड़ियों” की गिरफ्तारी मौजूद विपक्ष मतलब राजद-कांग्रेस को गहरा नुकसान पहुंचाएगी।इनमें पोलिटिकल पावर ब्रोकर, ठेकेदार, बालू माफिया आदि भी शामिल हैं, जिनके पैसे का इस्तेमाल इस मामले में होने का संदेह है। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इनमें से अधिकांश मौजूदा विपक्ष के लिए फंडिंग करने वाले एसेट हैं। ईओयू को इनके विरुद्ध जांच के क्रम में कई साक्ष्य हाथ लगे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम पिछले वर्ष प्रदेश में नई सरकार के गठन के दौरान बहुमत परीक्षण के क्रम में हॉर्स ट्रेडिंग में संलिप्त इन चर्चित चेहरों को सलाखों के पीछे डालने की तैयारी में लग गई है।इसके अलावा, मामले में अब तक पूछताछ के लिए बुलाए गए विधायकों के करीबी जैसे उनके सहयोगी, ड्राइवर आदि से भी ईओयू पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इस दौरान नोटिस जारी होने के बावजूद पूछताछ के लिए जो लोग नहीं पहुंचेंगे उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया जाएगा।इसके पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार, पूर्व विधायक बीमा भारती और नेता प्रतिपक्ष के करीबी इंजीनियर सुनील समेत आधा दर्जन लोगों से पूछताछ की है। जानकारी के मुताबिक इस हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें से कुछ लोगों को आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। मगर वे अभी भी ईओयू कार्यालय आने में आना-कानी कर रहे। ईओयू अधिकारियों के अनुसार, जो लोग पूछताछ के लिए नहीं पहुंच रहे, उनके विरुद्ध कोर्ट से वारंट लिया जाएगा। ज्ञातव्य हो कि मधुबनी के हरलाखी से जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने इस मामले में फरवरी 2024 में पटना के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
