भीषण गर्मी के बीच बदला बिहार का मौसम, 33 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट
- मौसम विभाग ने 14 जिलों में ऑरेंज और 18 जिलों में येलो अलर्ट किया जारी, तेज हवा के साथ बारिश की संभावना
- कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार, गर्मी से राहत के लिए स्कूल बंद और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पटना। बिहार में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 33 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने 14 जिलों के लिए नारंगी अलर्ट और 18 जिलों के लिए पीला अलर्ट घोषित किया है, जबकि शेष जिलों में मौसम सामान्य बने रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बिहार के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे तेजी से बादल बन रहे हैं। यही वजह है कि दिन के समय तेज धूप और गर्मी बनी रहती है, लेकिन शाम होते-होते मौसम अचानक बदल जाता है और कई इलाकों में तेज हवा, बारिश तथा मेघ गर्जन शुरू हो जाता है। बीते कुछ दिनों से बिहार के कई हिस्सों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान कैमूर जिले के भभुआ में अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा डेहरी में 41.2 डिग्री और छपरा में 40.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी पटना समेत कई जिलों में उमसभरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। छपरा में जिला प्रशासन ने कक्षा आठ तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 23 मई तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों को भीषण गर्मी और लू से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि आज राजधानी पटना समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी भी हो सकती है। इसके साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश के बाद उमस बनी रहने की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक राज्य में ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। कई जिलों में बीच-बीच में बारिश, तेज हवा और मेघ गर्जन की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके कारण अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है। हालांकि मौसम साफ होने के बाद एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी होने के संकेत दिए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं हों। किसानों को खेतों में काम करने के दौरान सतर्क रहने और खराब मौसम के समय सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। लोगों से बारिश और तेज हवा के दौरान घरों के भीतर रहने की अपील भी की गई है। सुपौल जिले में 24 मई तक बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 20, 21 और 24 मई के लिए नारंगी अलर्ट तथा 22 और 23 मई के लिए पीला अलर्ट जारी किया है। जिले में तेज हवा, आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। मुजफ्फरपुर में बुधवार सुबह हल्की धूप देखने को मिली, लेकिन मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के कई हिस्सों में लोग इस बदलते मौसम को राहत और चिंता दोनों के रूप में देख रहे हैं। जहां बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं आंधी और वज्रपात को लेकर लोगों में डर का माहौल भी बना हुआ है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम और अधिक अस्थिर हो सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।


