पटना में खाने के विवाद में होटल में मारपीट, मलिक घायल, आरोपी सीएम हाउस बताकर मौके से भागा
पटना। पटना के व्यस्त बुद्ध मार्ग क्षेत्र में स्थित एक निजी होटल में मंगलवार शाम एक मामूली शिकायत ने देखते-देखते बड़े विवाद का रूप ले लिया। दाल में नमक कम होने को लेकर शुरू हुआ यह मामला इतना बढ़ गया कि होटल संचालक घायल हो गए और तीन युवक मौके से भाग निकले। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि प्रशासन के सामने भी कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
होटल में तीन युवक खाना खाने पहुंचे थे। खाना परोसे जाने के बाद उनमें से एक ने दाल में नमक कम होने की शिकायत की। होटल स्टाफ ने विनम्रता से दाल बदलकर देने की बात कही, लेकिन इसी दौरान युवकों और कर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में माहौल इतना गरम हो गया कि तीनों युवक हाथापाई पर उतर आए। होटल के कर्मचारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन युवकों का आक्रोश बढ़ता चला गया। बहस से बात मारपीट तक पहुंच गई और होटल के फर्नीचर तक टूटने की नौबत आ गई।
होटल संचालक पर हमला
जब होटल संचालक ऋषि कुमार बीच-बचाव करने के लिए आगे आए, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। ऋषि कुमार ने बताया कि उन पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। सिर से खून बहने लगा और उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार की जरूरत पड़ी। घायल संचालक ने खुद को संभालते हुए तुरंत डायल 112 के माध्यम से पुलिस को घटना की जानकारी दी। इस दौरान होटल में मौजूद अन्य लोगों में भी भय का माहौल पैदा हो गया और कई ग्राहक होटल छोड़कर बाहर निकल गए।
आरोपी का खुद को सीएम हाउस से जुड़ा बताना
घटना का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह था कि मारपीट करने वाले युवकों में से एक बार-बार खुद को मुख्यमंत्री आवास से जुड़ा हुआ व्यक्ति बता रहा था। होटल कर्मचारियों के अनुसार, युवक लगातार यह दावा करता रहा कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। इस तरह के दावों ने वहां मौजूद लोगों में और भी दहशत फैला दी। पुलिस के होटल पहुंचने से पहले तीनों युवक बिना बिल चुकाए फरार हो गए। जाते-जाते भी उनमें से एक ने धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे यह विवाद और गंभीर हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और पहली प्रतिक्रिया
डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल होटल संचालक से घटना की जानकारी ली। पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जब वे जांच के लिए होटल पहुंचे, तब एक आरोपी युवक ने फोन पर धमकी दी। युवक ने फिर से खुद को सीएम हाउस से जुड़ा हुआ बताते हुए पुलिस टीम को कार्रवाई न करने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कर ली है। घटना को गंभीरता से देखते हुए पुलिस ने होटल परिसर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। होटल में लगे कैमरों में आरोपियों की गतिविधियों को साफ देखा जा सकता है, जिसके आधार पर तीनों को पहचानने में मदद मिलने की संभावना है।
जांच और आगे की प्रक्रिया
कोतवाली थाना की टीम फरार युवकों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी किसी प्रशासनिक पद पर नहीं हैं, लेकिन खुद को प्रभावशाली बताकर लोगों को डराने की प्रवृत्ति अपनाते थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या युवकों ने इसी बहाने पहले भी कहीं हंगामा किया था। होटल संचालक का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ व्यापारियों और आम नागरिकों को असुरक्षित महसूस कराती हैं। उनका मानना है कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे लोग कानून को हल्के में लेते रहेंगे और समाज में डर का माहौल बनता रहेगा।
घटना के सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
यह घटना केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में शक्ति और प्रभाव के नाम पर फैल रही गुंडागर्दी को भी उजागर करती है। किसी मामूली शिकायत पर इस तरह का आक्रामक व्यवहार यह दर्शाता है कि कुछ लोग कानून को अपने हाथ में लेने की मानसिकता रखते हैं। साथ ही, खुद को उच्च पदस्थ लोगों से जुड़ा बताकर बच निकलने की प्रवृत्ति प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है। बुद्ध मार्ग स्थित होटल में हुआ यह विवाद एक बार फिर बताता है कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति थोड़ी संभली है, लेकिन असली परीक्षा आरोपियों की गिरफ्तारी और उन पर सख्त कार्रवाई में है। यह घटना प्रशासन के लिए एक संकेत है कि ऐसे मामलों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना बनी रहे।


