10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए गाइडलाइन जारी, परीक्षार्थियों को पालन करने होंगे कई नियम

पटना। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) ने वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट (12वीं) और मैट्रिक (10वीं) बोर्ड परीक्षाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और पारदर्शी माहौल में आयोजित की जाएंगी। इसके लिए परीक्षार्थियों के प्रवेश समय से लेकर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था तक कई सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिनका पालन सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा। बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 12वीं की परीक्षाएं 2 फरवरी 2026 से शुरू होकर 13 फरवरी 2026 तक चलेंगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू की जाएगी। बोर्ड ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले पहुंच जाएं, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके और किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी परीक्षार्थी को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बोर्ड के अनुसार यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि परीक्षा प्रक्रिया में अनुशासन बना रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो परीक्षार्थी निर्धारित समय से विलंब से परीक्षा केंद्र पर पहुंचेंगे, उन्हें उस दिन की परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा। ऐसे छात्रों को किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी। इसे लेकर बोर्ड ने सभी अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे ट्रैफिक, भीड़ और अन्य संभावित बाधाओं को ध्यान में रखते हुए समय से पहले अपने घर से निकलें और पर्याप्त समय लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचें। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में परीक्षार्थी अंतिम समय में केंद्र पर पहुंचते हैं, जिससे न केवल छात्रों को परेशानी होती है बल्कि परीक्षा संचालन में भी बाधा आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार समय-सीमा को लेकर विशेष सख्ती बरती जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी और प्रवेश के दौरान सभी छात्रों की जांच की जाएगी। इसके अलावा बोर्ड की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग पर कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर दंडाधिकारी, पुलिस बल और उड़नदस्ता दल की तैनाती की जाएगी, ताकि नकल जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। परीक्षा हॉल में केवल निर्धारित सामग्री ही ले जाने की अनुमति होगी और किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बोर्ड ने स्कूल प्रशासन और केंद्राधीक्षकों को भी निर्देश दिया है कि वे समय पर केंद्र खोलें, बैठने की व्यवस्था दुरुस्त रखें और परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दें। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने छात्रों और अभिभावकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि परीक्षा एक महत्वपूर्ण अवसर होता है, इसलिए सभी नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। समय पर केंद्र पहुंचना, निर्देशों का पालन करना और अनुशासन बनाए रखना ही सफल परीक्षा संचालन की कुंजी है। बोर्ड ने उम्मीद जताई है कि छात्र पूरी तैयारी और सकारात्मक मनोभाव के साथ परीक्षा में शामिल होंगे और यह परीक्षा सत्र सफलतापूर्वक संपन्न होगा।

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