पटना में छठ से पहले चलेगा गंगा स्वच्छता अभियान, सरकार की तैयारी, दीघा घाट से होगी शुरुआत
पटना। पटना में छठ महापर्व से पहले गंगा की स्वच्छता और शहर की साफ-सफाई को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया जा रहा है। इस बार बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के अधीन नमामि गंगे परियोजना के तहत यह पहल की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य गंगा घाटों को गंदगी से मुक्त करना और श्रद्धालुओं व स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करना है। चूंकि छठ पर्व के अवसर पर लाखों की संख्या में लोग गंगा घाटों पर स्नान और अर्घ्य देने के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में घाटों की साफ-सफाई और व्यवस्थित प्रबंधन बेहद जरूरी हो जाता है। इस अभियान की शुरुआत पटना के दीघा घाट से की जाएगी। इसके बाद इसे क्रमशः शहर के अन्य प्रमुख घाटों पर भी लागू किया जाएगा। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर के अनुसार, यह अभियान एक मोबाइल सेवा की तरह काम करेगा। यानी, जिस घाट पर स्वच्छता और जागरूकता का कार्यक्रम पूरा होगा, उसके बाद अगला चरण किसी दूसरे घाट पर शुरू किया जाएगा। इस तरह, छठ महापर्व तक अधिक से अधिक घाटों को स्वच्छ बनाने की योजना है। अभियान का एक खास आकर्षण तीन टन वजनी स्वच्छता घंटी होगी। इसे गंगा घाट पर लगाया जाएगा और यह एक क्लॉक टॉवर की तरह दिखेगा। इस प्रतीकात्मक पहल का मकसद लोगों को हर पल यह याद दिलाना है कि गंगा और घाटों की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है। छठ से पहले केवल घाटों पर ही नहीं, बल्कि पूरे पटना शहर में सफाई और रोशनी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जगमग पटना अभियान के तहत नगर निगम ने वार्ड स्तर पर स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और नई लाइट लगाने का निर्णय लिया है। प्रत्येक वार्ड में 50-50 नई लाइटें लगाई जाएंगी और इसके लिए लगभग 3750 लाइटें खरीदी जा चुकी हैं। इससे न केवल छठ पर्व, बल्कि आगामी दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे त्योहारों में भी शहर रोशन और आकर्षक दिखेगा। इसके अतिरिक्त, पूजा पंडालों में भी स्वच्छता कॉर्नर बनाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को कचरा इधर-उधर फेंकने की बजाय निर्धारित स्थान पर डालने की सुविधा मिल सके। नगर निगम की टीमें दुकानदारों और संस्थानों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी कार्रवाई करेंगी, जिससे प्रदूषण और कचरे की समस्या को रोका जा सके। कुल मिलाकर देखा जाए तो यह पहल पटना की छवि को निखारने और गंगा घाटों को स्वच्छ रखने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। आने वाले समय में यदि इस अभियान को निरंतरता और जनता का सहयोग मिलता है, तो यह न केवल छठ पर्व की तैयारी को सफल बनाएगा बल्कि लंबे समय तक गंगा और शहर की स्वच्छता को बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।


