नौबतपुर में दो बहनों से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, कार्यक्रम के बहाने बुलाकर बनाई गईं शिकार

  • झारखंड की रहने वाली युवतियों ने कई लोगों पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
  • एक आरोपी हिरासत में, अन्य की तलाश में लगातार छापेमारी; वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में जुटी जांच टीम

पटना। राजधानी पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। दो सगी बहनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक सामाजिक समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर गांव बुलाया गया, जहां कई लोगों ने उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िताओं का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर रखा, मारपीट की और घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तीन नामजद आरोपियों सहित कुल 13 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
कार्यक्रम के बहाने गांव बुलाने का आरोप
पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार दोनों बहनें मूल रूप से झारखंड के लातेहार जिले की रहने वाली हैं और वर्तमान में पटना के मीठापुर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रही थीं। पीड़िताओं का आरोप है कि उन्हें एक तिलक समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया था। बताया गया कि कार्यक्रम की व्यवस्था करने वाले एक व्यक्ति ने दोनों बहनों को आर्थिक पारिश्रमिक देने का आश्वासन दिया और उन्हें अपने साथ गांव चलने के लिए तैयार किया। आरोप है कि उन्हें कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के बजाय कुछ अन्य लोगों के साथ एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया।
बंधक बनाकर उत्पीड़न का आरोप
पीड़िताओं के अनुसार उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर पूरी रात प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया तथा विरोध करने पर मारपीट भी की गई। पीड़िताओं का कहना है कि उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया ताकि वे किसी को घटना की जानकारी न दे सकें परिवार और सामाजिक संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए त्वरित न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया है।
अगली सुबह लोगों की मदद से पहुंची पुलिस
पीड़िताओं के अनुसार घटना के अगले दिन आरोपित उन्हें वाहन से वापस छोड़ने ले जा रहे थे। इसी दौरान जब वाहन फुलवारीशरीफ क्षेत्र में पहुंचा तो दोनों ने शोर मचाकर मदद मांगनी शुरू कर दी। उनकी आवाज सुनकर स्थानीय लोग एकत्र हो गए। लोगों ने तत्काल आपातकालीन पुलिस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा और दोनों युवतियों को सुरक्षित संरक्षण में लिया। इसके बाद उन्हें थाना लाया गया, जहां उनकी शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस और जांच एजेंसियां सक्रिय
मामले की जानकारी मिलते ही नौबतपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी ने भी स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही वैज्ञानिक जांच के लिए न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िताओं के बयान और तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिकी दर्ज, गिरफ्तारी अभियान जारी
नौबतपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िताओं के आवेदन के आधार पर तीन नामजद आरोपियों सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस दल गठित किए गए हैं।
चिकित्सकीय जांच और न्यायिक प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार दोनों पीड़िताओं को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही न्यायालय में उनका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीड़िताओं की सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है ताकि दोषियों के विरुद्ध ठोस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा और सामाजिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने का प्रयास कर रही है। वहीं पीड़िताओं और उनके परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद में पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

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