मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का चौथा चरण आज से शुरू, आठ जिलों में करेंगे विकास कार्यों की समीक्षा

  • चार दिन दौरे में योजनाओं का निरीक्षण, नई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन
  • जन संवाद के माध्यम से आम लोगों से सीधा संपर्क, अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें भी होंगी

पटना। बिहार में विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज से समृद्धि यात्रा के चौथे चरण पर निकल रहे हैं। यह यात्रा 17 मार्च से 20 मार्च 2026 तक चलेगी, जिसके तहत मुख्यमंत्री राज्य के आठ जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे, नई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे तथा जिला स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विशेषकर सात निश्चय कार्यक्रम और अन्य विकास योजनाओं की प्रगति का आकलन करना है। मुख्यमंत्री इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी लेंगे और मौके पर ही समाधान के निर्देश भी देंगे। इसके साथ ही वे आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुनेंगे।
यात्रा की शुरुआत भागलपुर से
समृद्धि यात्रा की शुरुआत 17 मार्च को भागलपुर जिले से होगी। यहां मुख्यमंत्री विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे बांका जिले का दौरा करेंगे, जहां कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
दूसरे दिन जमुई और नवादा का दौरा
18 मार्च को मुख्यमंत्री जमुई और नवादा जिलों में रहेंगे। सुबह के समय जमुई में विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी, जबकि दोपहर बाद नवादा में अधिकारियों और आम जनता के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान स्थानीय स्तर पर चल रही योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी।
तीसरे दिन मुंगेर और लखीसराय में कार्यक्रम
19 मार्च को मुख्यमंत्री मुंगेर और लखीसराय जिलों का दौरा करेंगे। मुंगेर में वे सुबह विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद लखीसराय में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंतिम दिन गया और औरंगाबाद में जन संवाद
यात्रा के अंतिम दिन 20 मार्च को मुख्यमंत्री गया और औरंगाबाद जिलों में रहेंगे। गया में वे विकास योजनाओं का निरीक्षण करेंगे, जबकि औरंगाबाद में जन संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों से सीधे बातचीत करेंगे। इस दौरान आम नागरिक अपनी समस्याएं और सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की भी रहेगी मौजूदगी
इस यात्रा के दौरान संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। इससे मौके पर ही समस्याओं के समाधान और आवश्यक निर्णय लेने में आसानी होगी।
समृद्धि यात्रा का व्यापक उद्देश्य
समृद्धि यात्रा का उद्देश्य केवल योजनाओं का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना भी है। इसके माध्यम से सरकार यह जानने का प्रयास कर रही है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। साथ ही, इस यात्रा के जरिए प्रशासन और जनता के बीच संवाद को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह के सीधे संवाद और निरीक्षण से न केवल योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ेगा। समृद्धि यात्रा को राज्य में विकास की गति को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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