January 28, 2026

हैदराबाद में जहरीली ताड़ी पीने से अबतक पांच की मौत, 31 अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर

हैदराबाद। हैदराबाद में एक गंभीर और दुखद घटना सामने आई है, जहां जहरीली और मिलावटी ताड़ी पीने से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 31 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह घटना 5 और 6 जुलाई को हुई जब लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम बिक रही ताड़ी का सेवन किया। ताड़ी पीने के कुछ घंटों बाद ही कई लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बेहोशी जैसी गंभीर समस्याएं होने लगीं।
पीड़ितों की पहचान और इलाज की स्थिति
अब तक जिन पांच लोगों की जान जा चुकी है, उनमें चकली बोजय्याह, चौधरीमेटु स्वारोपा, कालगल्ला सीताराम, मौनिका और मेटला नारायण शामिल हैं। इनकी मौत अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई। पीड़ितों में अधिकांश वे लोग हैं जो रोजमर्रा की मजदूरी करते हैं और जिनका ताड़ी पीना नियमित आदत में शामिल है। शुरू में लक्षण हल्के लगे, इसलिए अधिकतर लोगों ने इसे सामान्य पेट की बीमारी समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन बाद में जब स्थिति बिगड़ी, तो इलाज में देर हो गई।
इलाके और प्रभावित जनसंख्या
हैदनगर, शमशीगुड़ा, निजामपेट, इंदिरा हिल्स और अडगुट्टा जैसे इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। ये इलाके मुख्यतः मजदूर वर्ग और निम्न आयवर्ग के लोगों से भरे हैं, जहां ताड़ी की खपत सामान्य जीवन का हिस्सा मानी जाती है। इन्हीं जगहों से बड़ी संख्या में पीड़ित अस्पतालों में पहुंचे हैं। बुधवार शाम तक कुल 31 मरीजों की पुष्टि हो चुकी थी, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
ताड़ी में खतरनाक रसायन की मिलावट
घटना के बाद जांच में पाया गया कि ताड़ी में अल्प्राजोलम नामक नशीली दवा और अन्य जहरीले रसायनों की मिलावट की गई थी। यह एक गंभीर अपराध है, क्योंकि अल्प्राजोलम का सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के जानलेवा साबित हो सकता है। इंद्रानगर स्थित एक दुकान से 66 ग्राम सफेद पाउडर जब्त किया गया है, जिसकी प्रयोगशाला में जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलते हैं कि इसी जहरीले पदार्थ ने लोगों की जान ली है।
एफआईआर दर्ज, कई लोग हिरासत में
इस गंभीर मामले में पुलिस ने अब तक कुल 5 एफआईआर दर्ज की हैं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ताड़ी की दुकानों के मालिक और विक्रेता शामिल हैं। इनके नाम हैं – कूना रवि तेजा गौड, जे. प्रभाकर गौड, कूना साई तेजा गौड, तेगला रमेश, टी. श्रीनिवास गौड, चिंटकिंडी नागेश गौड और बत्ती श्रीनिवास गौड। सभी पर मिलावटी और जहरीली ताड़ी बेचने का आरोप है।
राजनीतिक कनेक्शन की आशंका
जांच में यह बात भी सामने आई है कि इनमें से दो ताड़ी दुकानों के मालिक कांग्रेस नेता कूना सत्यनारायण गौड के बेटे हैं। यह तथ्य इस मामले को राजनीतिक मोड़ दे सकता है और जांच की दिशा को प्रभावित कर सकता है। प्रशासन और पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि कहीं राजनीतिक प्रभाव के कारण आरोपी बच न जाएं।
प्रशासन की कार्रवाई और अगली दिशा
जांच एजेंसियों ने अब तक 674 लीटर जहरीली ताड़ी को नष्ट कर दिया है। चार दुकानों से 350 मिलीलीटर के नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। बालनगर क्षेत्र की पुलिस, मेडचल जिला चिकित्सा अधिकारी और आबकारी विभाग के अधिकारी मिलकर पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही अन्य दुकानों से भी नमूने लिए जा रहे हैं ताकि किसी और जगह पर यह त्रासदी दोहराई न जा सके। यह घटना न केवल एक स्वास्थ्य आपदा है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सामाजिक जागरूकता की कमी का परिणाम भी है। ताड़ी जैसे पेय पदार्थों में मिलावट रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है। इस दुखद घटना से सबक लेते हुए सख्त निगरानी और नियमन की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए।

You may have missed