PATNA : DM व SSP ने की कोचिंग संचालकों संग बैठक, कहा- दोषियों पर होगी विधि सम्मत कार्रवाई
पटना। एनटीपीसी-आरआरबी परीक्षा परिणाम के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को बिहार बंद का आह्वान किया है। बंद का कई राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है। बिहार बंद के पूर्व पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह एवं एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों द्वारा कोचिंग संचालकों एवं प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने तथा विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए समाहरणालय सभागार में बैठक की गयी। बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि छह कोचिंग संचालकों एवं प्रतिनिधियों के विरुद्ध पत्रकार नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिन व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन व्यक्तियों को नोटिस निर्गत किया जायेगा तथा उन्हें निर्धारित तिथि, स्थान एवं समय पर अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। वे भय रहित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
पटना डीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह आधारित अथवा बदले की भावना से कार्य नहीं किए जायेंगे, बल्कि पूरी पारदर्शिता एवं साक्ष्य के आधार पर ही विधि सम्मत कार्रवाई होगी। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, जनजीवन को परेशान करना तथा विधि व्यवस्था की समस्या पैदा करना कहीं से भी उचित नहीं है। इस तरह के गैर कानूनी तथा गैर जिम्मेदाराना कार्य करने वाले तथा समूह को उग्र एवं हिंसात्मक स्वरूप देते हुए आंदोलन के लिए प्रेरित करने वाले असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
शांतिपूर्ण माहौल के लिए सोशल मीडिया पर अपील
वहीं बैठक मे कोचिंग संचालकों एवं प्रतिनिधियों ने व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए अपने अपने स्तर से सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने की इच्छा व्यक्त की, ताकि जनहित में शांति एवं सद्भाव का वातावरण कायम रहे। किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन को उग्र होकर हिंसा फैलाने, जनजीवन को तबाह करने तथा अराजक स्थिति पैदा कर विधि व्यवस्था भंग करने की कतई इजाजत नहीं दी जाएगी बल्कि वैसे असामाजिक एवं उपद्रवी तत्व के विरुद्ध सख्ती से निबट जायेगा तथा कठोर कार्रवाई की जायेगी।
हिरासत में छात्रों ने लिया नाम..
बता दें बीते 24 जनवरी को राजेंद्रनगर ट्रैक को जाम करने तथा उत्पन्न विधि व्यवस्था से निपटने के दौरान 4 अभ्यार्थियों को हिरासत में लिया गया था। उन चार अभ्यर्थियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उन्हें कोचिंग संचालकों व प्रतिनिधियों के द्वारा यहां पर आने के लिए मार्गदर्शन किया गया है तथा उनका नाम भी बताया।


