पटना एम्स रोड में जलजमाव से नहीं मिला निजात; झील बना रोड, आवाजाही को लोग मजबूर
पटना। पटना एम्स रोड पर जलजमाव की स्थिति बदतर होती जा रही है। एम्स पहुंचने वाले डॉक्टरों के साथ-साथ मरीजों को भी जलभराव के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर एम्स के निदेशक ने चिंता जताई है। सवाल यह है कि आखिर पटना एम्स जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में आने जाने वाले मुख्य मार्ग नेशनल हाईवे 98 पर जलजमाव की गंभीर समस्या से सरकार कब निजात दिलाएगी । मालूम हो कि सड़क से जल जमाव के निजात के लिए कई बार सांसद विधायक सड़क पर उतरकर बोरिंग मोटर पंप लगाकर पानी की निकासी करवा चुके हैं बावजूद समस्या जस की तस बरकरार है। पटना एम्स रोड फुलवारी शरीफ जानीपुर नौबतपुर आने जाने वाले वाहनों के लिए मुख्य रास्ता है जिसमें सालों भर पानी जमा रहने से जहां-तहां बड़े-बड़े गड्ढे भी हो गए हैं। इस बारिश के मौसम में सड़क झील बन चुका है और गड्ढों में वाहन के चक्के जाने से रोजाना लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। आने जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाला ऊंचा रहने एवं सड़क नीचे रहने के चलते कई वर्षों से सालों भर जलजमाव से लोगों को जोड़ना पड़ता है। वहीं बरसात के इस मौसम में सड़क पूरी तरह झील बन गया है ।इतना ही नहीं एम्स के मुख्य द्वार के पास में पानी भरा हुआ है। जिससे एम्स में आने जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है।इन दिनों पटना एम्स में ओपीडी में मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, इसे देखते हुए एम्स द्वारा कई विभाग भी बढ़ाए जा रहे हैं। बेडों की संख्या के साथ-साथ आॅपरेशन थिएटर और कई विभागों को बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है। पटना एम्स में कार्यकारी निदेशक डॉ गोपाल कृष्ण पाल के द्वारा हर विभाग में विकास कार्यों और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के चलते पटना एम्स में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। पटना एम्स के मुख्य मार्ग पर प्रवेश द्वार से लेकर दूर तक जलजमाव के कारण डॉक्टरों को हो रही परेशानी को लेकर एम्स के निदेशक ने सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने बिहार सरकार समेत संबंधित विभाग से भी इसका समाधान करने का आग्रह किया है।


