February 25, 2026

पटना में डायल 112 के वाहन चालकों ने शुरू की हड़ताल, सेवा ठप, कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

पटना। पटना में सोमवार को डायल 112 सेवा पूरी तरह से ठप हो गई। जिले में चल रही इस आपातकालीन सेवा से जुड़ी सभी पीसीआर गाड़ियां निष्क्रिय हो गई हैं। दरअसल, सेवा से जुड़े चालक अपने विभिन्न मांगों को लेकर दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल के कारण करीब 124 गाड़ियां थानों में खड़ी रह गईं और 400 से अधिक चालक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। नतीजतन, लोगों को समय पर आपातकालीन सहायता नहीं मिल पा रही है और प्रशासनिक व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। डायल 112 चालक संघ के अध्यक्ष चंदन कुमार और उपाध्यक्ष धीरज कुमार यादव ने बताया कि यह हड़ताल लंबे समय से अनदेखी की जा रही मांगों को लेकर की जा रही है। वर्ष 2022 में जब भूतपूर्व सैनिकों की अनुबंध पर बहाली हुई थी, तब उन्हें 25,000 रुपये मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। लेकिन आज तक उनकी तनख्वाह में महज 750 रुपये की वृद्धि हुई है, जिसे चालक बेहद निराशाजनक मान रहे हैं। इसके अलावा, बहाली के समय कई सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था। इनमें ड्यूटी स्थल घर से 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर रखने, साल में 20 दिन की छुट्टी, साप्ताहिक अवकाश, बीमा की सुविधा जैसी बातें शामिल थीं। लेकिन अब तक इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया। संगठन के अनुसार, महिला चालकों की हालत और भी कठिन है। उनसे 12-12 घंटे की लंबी ड्यूटी करवाई जाती है। छुट्टी मिलने पर कोई रिलीवर उपलब्ध नहीं कराया जाता, जिससे उन्हें अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर ड्यूटी करनी पड़ती है। इसे चालक संघ ने “तुगलकी फरमान” कहा है और इसे अमानवीय करार दिया है। वाहन चालकों ने बताया कि इस हड़ताल के पीछे हमारी कई मांगे हैं जो की सभी चालकों को पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। स्थानांतरण की स्थिति में भत्ता दिया जाए और प्रक्रिया म्यूचुअल आधार पर हो। समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए। साप्ताहिक अवकाश का अधिकार मिले। चालक संघ को संगठन बनाने की अनुमति प्रदान की जाए। राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए। अन्य राज्यों की तरह वेतनमान लागू किया जाए। वर्तमान में चल रही स्थानांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। चालक संघ ने यह भी बताया कि सेवा में जुड़ने के बाद अब तक उनके 15 साथियों की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन मृत चालकों के परिवारों को कोई वेलफेयर सुविधा या सहायता नहीं दी गई। इससे चालक वर्ग में गहरा आक्रोश है। चालक संघ की इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। आपातकालीन सेवा ठप होने के कारण कई लोग समय पर मदद से वंचित रह गए। शहर में किसी भी आकस्मिक घटना या अपराध की स्थिति में पुलिस तंत्र तुरंत मौके पर नहीं पहुंच पा रहा। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हड़ताल के पहले दिन ही हालात बिगड़ते दिखने लगे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि जल्द ही समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। डायल 112 जैसी सेवा का ठप हो जाना सीधे जनता की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा मामला है। चालक संघ की मांगें लंबे समय से लंबित हैं और उनकी अनदेखी ने असंतोष को जन्म दिया है। यह आवश्यक है कि सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द वार्ता कर समाधान निकालें, ताकि आपातकालीन सेवाएं सामान्य हो सकें और जनता को राहत मिले।

You may have missed