पटना में नेपाली युवती से रेप करने वाला अपराधी गिरफ्तार, बंगाल भागने की तैयारी में था, पुलिस में दबोचा
पटना। पटना में एक नेपाली युवती से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर कार्तिक राय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी घटना के बाद पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में था, लेकिन ट्रेन से भागते समय बरौनी के पास दबोच लिया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पटना सिविल कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
घर में प्रताड़ना और भारत आने की मजबूरी
पीड़िता ने बताया कि नेपाल में उसकी सौतेली मां, चाचा और चाची उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। सौतेली मां उस पर विदेश जाकर कमाने और पैसे भेजने का दबाव डालती थी। जब युवती घर छोड़कर निकलने लगी, तो उसे यात्रा के लिए किराया तक नहीं दिया गया। मजबूरी में वह सिलिगुड़ी होते हुए पटना आई, जहां नौकरी की तलाश में भटक रही थी।
नौकरी के बहाने जाल में फंसाया
पटना रेलवे स्टेशन पर एक प्राइवेट ड्राइवर उससे बातचीत करने लगा। उसने खुद को मददगार बताते हुए युवती को नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। ड्राइवर ने कहा कि वह उसे काम पर लगवा देगा, लेकिन बदले में उसे ‘खुश’ करना होगा। इसके बाद उसने युवती को बस में बैठाया और पीछे की सीट पर लगातार दो दिनों तक दुष्कर्म किया। आरोपी पीड़िता को यह कहकर बहलाता रहा कि उसकी नौकरी पक्की हो जाएगी।
घटना का खुलासा
एफआईआर के अनुसार, आरोपी ड्राइवर कार्तिक राय बिहार मिलिट्री पुलिस-1 के जवानों को गांधी मैदान छोड़ने और लाने का काम करता था। जब जवानों की ड्यूटी रहती, तो वह पीड़िता को गांधी मैदान गेट नंबर 5 के पास इंतजार करने को कहता और उसका मोबाइल व पैसे अपने पास रखता। मंगलवार को भी युवती वहां बैठी रो रही थी, तभी दुकानदारों और परेड के लिए आए गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने उसे देखा।
सामाजिक संगठन की मदद
गोरखा समाज समिति के अध्यक्ष सूरज थापा को सूचना दी गई। वह युवती को अपने कार्यालय ले गए और महिला सदस्यों ने उससे पूछताछ की। तब उसने पूरी घटना बताई। शर्म और डर के कारण वह पहले पुलिस से संपर्क नहीं कर पाई थी। बुधवार को सूरज थापा, उनकी पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसे हवाई अड्डा थाने ले जाकर शिकायत दर्ज कराई।
मेडिकल जांच और सबूत
शिकायत के बाद देर शाम पीड़िता का मेडिकल परीक्षण गर्दनीबाग अस्पताल में किया गया। एफएसएल की टीम ने उस बस की भी जांच की, जिसमें घटना होने की बात कही गई थी। आरोपी ड्राइवर बस छोड़कर फरार हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे बरौनी के पास पकड़ लिया।
नेपाल वापसी की प्रक्रिया
सचिवालय एसडीपीओ डॉ. अनु कुमारी ने बताया कि पीड़िता नेपाल की रहने वाली है और परिवार से प्रताड़ित होकर भारत आई थी। इस मामले की जानकारी नेपाली संस्थान ‘मैती’ को दी गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवती को नेपाल भेजा जाएगा। तब तक उसकी देखरेख मैती संस्थान करेगा। यह मामला न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सामाजिक संगठनों और सतर्क नागरिकों की मदद से पीड़ितों को न्याय दिलाना संभव है।


