February 25, 2026

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने दाखिल किया नामांकन, पीएम मोदी रहे मौजूद, गठबंधन की दिखी एकता

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने उम्मीदवार के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन का नाम आगे बढ़ाया है। बुधवार को संसद भवन में उन्होंने औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहे, जिससे यह संदेश गया कि पूरा गठबंधन एकजुट होकर इस चुनाव में उतर रहा है। नामांकन कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, किरेन रिजिजू और एनडीए के अन्य बड़े नेताओं ने भी शिरकत की। नामांकन की प्रक्रिया बेहद सधे हुए तरीके से संपन्न हुई। चार सेटों में नामांकन दाखिल किया गया, जिनमें प्रत्येक सेट पर 20 प्रस्तावकों और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर थे। पहले सेट में मुख्य प्रस्तावक के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के हस्ताक्षर होना प्रतीकात्मक रूप से बहुत अहम माना जा रहा है। बाकी सेटों में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ एनडीए नेताओं के हस्ताक्षर रहे, जो यह दर्शाता है कि राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर गठबंधन के भीतर व्यापक सहमति है। नामांकन दाखिल करने के मौके पर करीब 160 सांसद और मंत्री मौजूद रहे, जिसने एनडीए की एकजुटता को और स्पष्ट कर दिया। सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाने का फैसला केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर आयोजित एनडीए नेताओं की बैठक में लिया गया था। इस बैठक में सभी सहयोगी दलों ने सर्वसम्मति से उनका समर्थन करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी घोषणा की कि गठबंधन के सभी घटक राधाकृष्णन के पक्ष में पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे। यह सर्वसम्मति केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि गठबंधन की एकता और स्थिरता का भी परिचायक है।राधाकृष्णन का राजनीतिक करियर काफी लंबा और अनुभवी रहा है। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ तमिलनाडु से पार्टी की राजनीति से जुड़े रहे हैं। साथ ही, वे अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक समझ को देखते हुए उन्हें उपराष्ट्रपति पद का एक उपयुक्त उम्मीदवार माना जा रहा है। इस नामांकन के साथ ही एनडीए ने यह संदेश दिया है कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है और उसकी आंतरिक एकजुटता मजबूत है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने इस संदेश को और भी प्रखर बना दिया कि सी.पी. राधाकृष्णन न केवल एनडीए बल्कि भाजपा नेतृत्व की पहली पसंद हैं। आगामी चुनाव में उनके जीतने की संभावना मजबूत मानी जा रही है क्योंकि एनडीए के पास संसद में पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। इस प्रकार, राधाकृष्णन का नामांकन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एनडीए की रणनीतिक सोच, संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक एकता का भी प्रतीक है। यह चुनाव केवल उपराष्ट्रपति के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आने वाले दिनों में गठबंधन की दिशा और ताकत का भी अंदाजा लगाया जा सकेगा।

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