पटना में डायल 112 वाहन और टोटो की जोरदार टक्कर, पुलिस फरार, ड्राइवर घायल
पटना। राजधानी पटना में शनिवार को एक बार फिर तेज रफ्तार के कारण हादसा हुआ। जिले के पीरबहोर थाना क्षेत्र में डायल 112 पुलिस वाहन और एक टोटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना से अफरा-तफरी का माहौल बन गया और टोटो ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया है। बताया जा रहा है कि टोटो ड्राइवर विपरीत दिशा से आ रहा था। इस घटना में पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय उसे उसी हालत में छोड़कर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वाहनों की रफ्तार तेज थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टोटो को काफी क्षति पहुंची और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के दौरान डायल 112 की गश्ती वाहन का ड्राइवर समय रहते अपने वाहन को नियंत्रित कर बड़ा हादसा होने से बचा लिया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस टीम ने घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल टोटो ड्राइवर को पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस की गाड़ी घायल को इलाज कराने के बजाय मौके से भाग निकली। फिलहाल, क्षतिग्रस्त टोटो को सड़क से हटाकर किनारे कर दिया गया है और घायल ड्राइवर की पहचान के लिए पीरबहोर थाना को सूचना दे दी गई है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस की इस लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। घटना की जांच की जा रही है और पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घायल टोटो ड्राइवर को तुरंत स्थानीय लोगों की मदद से पास के पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोग पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह रवैया बेहद गैरजिम्मेदाराना था। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस को जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन इस घटना में उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। इस प्रकार, पटना में डायल 112 वाहन और टोटो के बीच हुई इस टक्कर ने एक बार फिर से यातायात नियमों के महत्व और पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों में जिम्मेदारी का एहसास बढ़ेगा और वे अपनी ड्यूटी को गंभीरता से निभाएंगे।


