समृद्धि यात्रा में दरभंगा पहुंचे सीएम, 40 योजनाएं जनता को किया समर्पित, अधिकारियों को दिए निर्देश

दरभंगा। बिहार में विकास को नई गति देने के उद्देश्य से निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को अपनी समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण में दरभंगा पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन के साथ ही जिला प्रशासन और सरकार के तमाम विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आए। इस दौरे को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं, क्योंकि मुख्यमंत्री न केवल योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेने का भी उनका कार्यक्रम था। समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री ने दरभंगा को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात दी और साफ संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता को मिली विकास योजनाओं की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा दौरे के दौरान कुल 33 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 विकास योजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही लगभग 105 करोड़ रुपये की 50 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इन योजनाओं में सड़क, भवन, परिवहन, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से न केवल शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
निर्माणाधीन बस स्टैंड का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री का पहला पड़ाव दिल्ली मोड़ स्थित निर्माणाधीन आधुनिक अंतरराज्यीय बस पड़ाव रहा। यहां 88.78 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस बस स्टैंड की प्रगति की उन्होंने गहन समीक्षा की। अधिकारियों से निर्माण कार्य की रफ्तार और गुणवत्ता की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह परियोजना हर हाल में दिसंबर 2027 तक पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड के तैयार होने से दरभंगा और मिथिलांचल के अन्य जिलों के लिए आवागमन काफी आसान हो जाएगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
योजनाओं की प्रदर्शनी और मॉडल का अवलोकन
समृद्धि यात्रा के तहत चयनित 11 प्रमुख योजनाओं के मॉडल और प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, उद्देश्य और संभावित लाभ के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है। इस दौरान कई विभागों के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए।
सड़क और हवाई अड्डा परियोजनाओं की समीक्षा
इसके बाद मुख्यमंत्री आमस-दरभंगा पथ परियोजना के कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा की गई। इस सड़क को मिथिलांचल की अहम जीवनरेखा माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दरभंगा हवाई अड्डे के निर्माणाधीन सिविल एन्क्लेव और टर्मिनल भवन का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि टर्मिनल भवन का मुख्य ढांचा लगभग एक महीने में तैयार हो जाएगा। साथ ही ‘कैटेगरी-टू’ प्रकाश व्यवस्था मार्च तक पूरी होने के बाद रात में विमानों की लैंडिंग भी संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे के पूरी तरह चालू होने से मिथिलांचल का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से और मजबूत होगा।
नागेंद्र झा स्टेडियम में समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री का काफिला नागेंद्र झा स्टेडियम पहुंचा, जहां उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉलों का निरीक्षण किया। इसके बाद जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जनसभा में विकास का संदेश
दौरे के अंत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास है। समृद्धि यात्रा के माध्यम से सरकार सीधे जनता से संवाद कर रही है और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में दरभंगा समेत पूरे बिहार में विकास की रफ्तार और तेज होगी। समृद्धि यात्रा के इस पड़ाव ने यह साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फोकस विकास, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर है। दरभंगा को मिली योजनाओं की यह सौगात आने वाले वर्षों में क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाली है।

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