बारामती विमान हादसे के जांच करेगी सीआईडी, अजित पवार की हुई थी मौत, खुलेंगे राज
बारामती। महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाले विमान हादसे के बाद अब इस पूरे प्रकरण की जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग यानी सीआईडी को सौंप दी गई है। बुधवार सुबह बारामती क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद पहले बारामती पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु और विमान दुर्घटना का मामला दर्ज किया गया था, जिसे अब सीआईडी अपने हाथ में लेकर हर पहलू से जांच करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से बारामती के लिए विमान से रवाना हुए थे। वे जिला परिषद चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती पहुंचे थे, जहां एक ही दिन में उनकी चार सभाएं प्रस्तावित थीं। सुबह करीब आठ बजे मुंबई से उड़ान भरने के बाद, विमान जब बारामती हवाई अड्डे पर उतरने की तैयारी कर रहा था, उसी दौरान वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही अजित पवार के अलावा पायलट सुमित कपूर, सह-पायलट शांभवी पाठक, एयर होस्टेस पिंकी माली और उनके अंगरक्षक विदीप जाधव की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। विमान का मलबा रनवे के पास बिखरा पड़ा था और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। शुरुआती कार्रवाई के बाद बारामती पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच सीआईडी को सौंपने का फैसला लिया। सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अब यह एजेंसी दुर्घटना के कारणों, उड़ान से जुड़े तकनीकी पहलुओं और मानवीय चूक की संभावना सहित सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल करेगी। राज्य स्तरीय जांच के साथ-साथ केंद्र सरकार ने भी समानांतर जांच शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। इसके अलावा डीजीसीए के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय से अधिकारियों की एक अलग टीम भी जांच में जुटी हुई है। दिल्ली से एएआईबी के तीन अधिकारी और मुंबई से डीजीसीए के तीन अधिकारी 28 जनवरी को दुर्घटना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने प्रारंभिक निरीक्षण किया। जांच एजेंसियों के लिए एक अहम कड़ी दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स है, जिसे बरामद कर लिया गया है। ब्लैक बॉक्स से उड़ान के आखिरी पलों की तकनीकी जानकारी, कॉकपिट की बातचीत और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मिलने की उम्मीद है, जिससे हादसे के असली कारणों का खुलासा हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, ब्लैक बॉक्स को विश्लेषण के लिए विशेषज्ञ प्रयोगशाला भेजा जाएगा। विमान का संचालन करने वाली कंपनी वीएसआर वेंचर्स ने बयान जारी कर कहा है कि पायलट सुमित कपूर के पास करीब 16 हजार घंटे का उड़ान अनुभव था, जबकि सह-पायलट शांभवी पाठक के पास लगभग 1500 घंटे का अनुभव था। कंपनी का दावा है कि उड़ान से पहले विमान की सभी तकनीकी जांच पूरी की गई थी और एयरक्राफ्ट में किसी तरह की तकनीकी खामी नहीं पाई गई थी। हालांकि, जांच एजेंसियां कंपनी के इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि कर रही हैं। इस हादसे के बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर है। राजनीतिक जगत से लेकर आम नागरिकों तक, हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है। बारामती और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जबकि अजित पवार के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रही है। सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी। उड़ान की अनुमति, मौसम की स्थिति, रनवे की तैयारियां, पायलट की अंतिम गतिविधियां और ग्राउंड स्टाफ की भूमिका जैसे सभी पहलुओं को जांच के दायरे में लिया गया है। साथ ही, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल, राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर इस विमान हादसे की परतें खोलने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में ब्लैक बॉक्स की रिपोर्ट और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह दुर्घटना मानवीय चूक का नतीजा थी या किसी अन्य कारण से हुई। देशभर की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस दर्दनाक हादसे के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।


