February 23, 2026

पटना में क्रिसमस की धूम: चर्च में लगेगी लोगों की भीड़, ट्रैफिक व्यवस्था में हुआ बदलाव

पटना। पटना में आज क्रिसमस का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। शहर के चर्चों में रौनक है, बाजारों में चहल-पहल है और हर तरफ उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है। ईसाई समुदाय के लिए यह दिन विशेष आस्था और खुशी का प्रतीक होता है, जिसे पटना में भी पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप से मनाया जा रहा है। बुधवार रात जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, प्रभु यीशु के जन्म का संदेश चर्चों में गूंज उठा और कैरोल की मधुर धुनों के साथ लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं।
चर्चों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान
क्रिसमस को लेकर पटना के सभी प्रमुख चर्चों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटें, फूलों की सजावट और धार्मिक प्रतीकों से चर्च परिसर को विशेष रूप दिया गया है। बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे से ही चर्चों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए थे। जैसे ही आधी रात हुई, प्रभु यीशु के जन्म की घोषणा के साथ प्रार्थनाएं की गईं और कैरोल गाए गए। आज सुबह भी मिस्सा बलिदान पूजा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चर्च के मुख्य द्वार आम लोगों के लिए खुले रहेंगे।
चरनी की विशेष सजावट और उसका महत्व
क्रिसमस के अवसर पर चर्चों में चरनी का विशेष निर्माण किया जाता है, जो इस पर्व का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। चरनी प्रभु यीशु के जन्म की कथा से जुड़ी होती है। मान्यता के अनुसार यीशु का जन्म गौशाला में हुआ था, इसलिए चरनी में उस समय के दृश्य को दर्शाया जाता है। इसमें बाल यीशु, माता मरियम, चरवाहे, गाय, भेड़ और बकरियों की मूर्तियां और चित्र लगाए जाते हैं। यह सजावट न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनती है।
बाजारों में क्रिसमस की रौनक
क्रिसमस को लेकर पटना के बाजार भी पूरी तरह से सज चुके हैं। खासकर बोरिंग रोड इलाके में उत्सव का अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। यहां दुकानों में सांता क्लॉज के कपड़े, टोपी, सजावटी सामान और गिफ्ट्स की भरमार है। बाजारों में बच्चों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। बोरिंग रोड के बीच बाजार में सांता क्लॉज की वेशभूषा में लोग डांस करते नजर आए, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया। बच्चे उत्साह से भरकर सांता के साथ फोटो खिंचवाते और क्रिसमस की खुशियों में शामिल होते दिखे।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
क्रिसमस के मौके पर शहर में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। 25 दिसंबर के लिए ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे। दोपहर 2 बजे के बाद गांधी मैदान इलाके में ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। गांधी मैदान से छज्जू बाग के क्षेत्र में निजी वाहनों को छोड़कर सभी कॉमर्शियल ऑटो और ई-रिक्शा प्रतिबंधित रहेंगे।
अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
क्रिसमस और सरस मेला के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। लगभग 100 अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है। जिन स्थानों पर दबाव कम रहने की संभावना है, वहां से भी बलों को बुलाकर संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। इससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
ऑटो और ई-रिक्शा के लिए रूट डायवर्जन
गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। दानापुर से राजापुर पुल होते हुए आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा को पुलिस लाइन तिराहा से वापस दानापुर की ओर भेजा जाएगा। अशोक राजपथ पर गायघाट की ओर से आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा को कारगिल चौक से पश्चिम डबल डेकर के पास से वापस मोड़ा जाएगा। एग्जीबिशन रोड पर भट्टाचार्या चौराहा से उत्तर गांधी मैदान की ओर ऑटो और ई-रिक्शा नहीं जा सकेंगे।
अन्य प्रतिबंधित मार्ग
इसके अलावा एसपी वर्मा रोड से गांधी मैदान की ओर आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा स्वामी नंदन तिराहा तक ही जा सकेंगे और वहां से बाटा मोड़ होते हुए वापस लौटेंगे। बुद्ध मार्ग, छज्जू बाग, टीएन बनर्जी पथ और पुलिस लाइन गेट नंबर-1 से बैंक रोड तक ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। मछुआ टोली से बारी पथ होते हुए ठाकुरबाड़ी मोड़ तक ही ऑटो चलेंगे और वहां से वापस लौटेंगे। किसी भी परिस्थिति में गांधी मैदान बाकरगंज की ओर ऑटो और ई-रिक्शा को जाने की अनुमति नहीं होगी। पटना में क्रिसमस का पर्व श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। एक ओर चर्चों में प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाजारों में रौनक और खुशियों का माहौल है। प्रशासन द्वारा की गई ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोग बिना किसी परेशानी के इस पर्व का आनंद उठा सकें। कुल मिलाकर पटना में क्रिसमस न केवल एक धार्मिक पर्व के रूप में, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी पूरे शहर को जोड़ता हुआ नजर आ रहा है।

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