August 29, 2025

मुख्यमंत्री ने कल फिर बुलाई कैबिनेट की बैठक, कई प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

पटना। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलचल इन दिनों तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 29 अगस्त को सुबह 10:30 बजे मुख्य सचिवालय स्थित कैबिनेट हाल में एक बार फिर से कैबिनेट की बैठक बुलाई है। खास बात यह है कि एक ही सप्ताह में यह दूसरी बैठक होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री इस बैठक में कई ऐसे प्रस्तावों पर मुहर लगा सकते हैं, जिनका सीधा असर जनता पर पड़ेगा और जो प्रदेश की सियासी धड़कन को भी तेज कर सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंगलवार, 26 अगस्त को कैबिनेट की बैठक की थी। उस बैठक में सरकार ने कई बड़े निवेशक अनुकूल फैसले लिए थे। विशेष रूप से रोजगार और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए यह घोषणा की गई थी कि राज्य में 1000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाले उद्योगपति को 25 एकड़ जमीन मुफ्त में दी जाएगी। वहीं, 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने और कम से कम 1000 लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमी को 10 एकड़ मुफ्त जमीन देने का प्रावधान किया गया। न केवल इतना, बल्कि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पटना और गया से अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन पर प्रोत्साहन राशि देने की सहमति भी कैबिनेट में दी गई।राजनीतिक पंडित मानते हैं कि चुनावी साल में नीतीश कुमार लगातार जनता को राहत पहुंचाने और विकास की नई घोषणाओं के जरिए अपनी छवि को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दो महीनों में उन्होंने डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें आम जनता को सीधे राहत देने वाले फैसले भी शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, सरकार ने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का बड़ा निर्णय लिया, जिससे लाखों घरों को राहत मिली है। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है। यह फैसला गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बड़ी राहत है। इसके अलावा रसोइयों, किसान सलाहकारों, फिजिकल टीचरों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। जेपी सेनानी पेंशन की राशि बढ़ाने तथा कलाकारों के लिए पेंशन योजना शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए युवा आयोग के गठन का कदम उठाया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में भी रोजगार पैकेज की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार 29 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन और “आधी आबादी” यानी महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने एक करोड़ नौकरी-रोजगार के अवसरों को लेकर कैबिनेट में बड़ा फैसला लिया था। अब माना जा रहा है कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार हो सकता है। इसके अलावा, 94 लाख गरीब परिवारों को दो-दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का जो वादा किया गया था, उसे आगे बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जा सकता है। इससे यह साफ झलकता है कि सरकार का फोकस न केवल आधारभूत ढांचे और उद्योगों पर है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास पर भी उतना ही है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह “फैसला-पर-फैसला” का सिलसिला चुनावी रणनीति का हिस्सा है। जनता तक यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सरकार तेजी से काम कर रही है और विकास योजनाओं को ठोस रूप देने में पीछे नहीं है। लगातार हो रही कैबिनेट बैठकों से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले महीनों में राज्य में और भी कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा हो सकती है। 29 अगस्त की कैबिनेट बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस बैठक में सरकार से रोजगार, आधी आबादी और गरीब तबकों के पक्ष में कुछ बड़े ऐलान की उम्मीद की जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यह न केवल बिहार की राजनीति में हलचल पैदा करेगा बल्कि विकास की नीतियों का नया रोडमैप भी सामने लाएगा।

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