दरभंगा में बर्ड फ्लू से हडकंप, 15 दिनों में हजारों कौवों की मौत, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट जारी
दरभंगा। जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बीते करीब 15 दिनों के भीतर शहर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों कौवों की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जांच रिपोर्ट में इन मौतों का कारण एवियन इंफ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
कौवों की असामान्य मौत से बढ़ी चिंता
दरभंगा शहर में पिछले दो हफ्तों से लगातार कौवों के मृत मिलने की खबरें सामने आ रही थीं। शुरू में इसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन जब मौतों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी तो प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग की ओर से मरे हुए कौवों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। कोलकाता और भोपाल की प्रयोगशालाओं में कराई गई जांच की रिपोर्ट गुरुवार देर रात सामने आई, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन अलर्ट
जांच रिपोर्ट मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और वन प्रमंडल के साथ समन्वय बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। डीएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी मृत पक्षी को बिना सुरक्षा उपायों के हाथ न लगाया जाए और तुरंत प्रशासन को सूचना दी जाए।
वैज्ञानिक तरीके से किया गया निस्तारण
शहर में मृत पाए गए कौवों का निस्तारण नगर निगम की ओर से वैज्ञानिक तरीके से किया गया। जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खोदकर मरे हुए पक्षियों को दफनाया गया, ताकि संक्रमण आगे न फैले। इस काम में कबीर सेवा संस्थान ने भी प्रशासन का सहयोग किया। पूरे अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब 10 हजार कौवों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
मुर्गों की मौत की भी मिल रही सूचना
कौवों के अलावा जिले के कई इलाकों से मुर्गों और मुर्गियों की मौत की सूचना भी सामने आ रही है। वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू और नवीन सिन्हा ने बताया कि बर्ड फ्लू तेजी से फैल रहा है और इसका असर पॉल्ट्री सेक्टर पर भी पड़ सकता है। विभागीय टीमें लगातार सैंपल लेकर जांच कर रही हैं, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने न सिर्फ दरभंगा, बल्कि आसपास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया है। अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अब तक किसी इंसान में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
चिकेन और अंडा न खाने की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से फिलहाल चिकेन और अंडा खाने से परहेज करने की अपील की है। डीएम ने कहा है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
पॉल्ट्री फार्म की निगरानी शुरू
कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक और वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा ने बताया कि एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी पॉल्ट्री फार्म और बिक्री केंद्रों की निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, पक्षियों को पालने वाले सभी पॉल्ट्री फार्म की सूची तैयार की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का फोकस संक्रमण की चेन को तोड़ने पर है।
डीएम का सख्त संदेश
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने गुरुवार को जिला पशुपालन अधिकारी को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि शहर के वार्ड 31 में मृत कौवों के नमूनों की जांच में एवियन इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। उन्होंने नगर आयुक्त और वन प्रमंडल से समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्र में बचाव और नियंत्रण से जुड़े सभी कार्य तेजी से कराने का निर्देश दिया है। साथ ही पूरे जिले में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।
लोगों से सतर्कता की अपील
बर्ड फ्लू की खबर से जिले में दहशत का माहौल है, लेकिन प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मृत या बीमार पक्षी दिखने पर उन्हें छूने से बचें और तुरंत प्रशासन या पशुपालन विभाग को सूचना दें। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कोशिश है कि बर्ड फ्लू के इस खतरे को फैलने से पहले ही काबू में कर लिया जाए। आने वाले दिनों में निगरानी और जांच और तेज की जाएगी, ताकि लोगों की सेहत और पशुपालन दोनों सुरक्षित रह सकें।


