February 21, 2026

बिहार के शहीद जवानों को पटना एयरपोर्ट पर दी गई श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार बुधवार को

पटना। जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के क्रेइरी इलाके में सोमवार की सुबह सीआरपीएफ नाका पार्टी पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। हमले में बिहार के जहानाबाद के लवकुश शर्मा और रोहतास जिले के खुर्शीद खान शहीद हो गए थे। शहादत के बाद उनके पैतृक गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा है। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है तो लोगों में आंतकवादियों के प्रति खासा आक्रोश है। इस बीच मंगलवार की शाम शहीदों के शव पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां गार्ड आफ आनर व श्रद्धांजलि देने के बाद उन्हें उनके गांव रवाना किया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।
पटना एयरपोर्ट पर शहीदों को श्रद्धांजलि
मंगलवार की शाम चार बजे शहीदों के शव को लेकर विमान पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा। वहां उनके पार्थिव शरीर पर पहले सीआरपीएफ के अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, पटना के कमिश्नर संजय अग्रवाल तथा पटना के एसएसपी उपेंद शर्मा ने माल्यार्पण किया। इसके अलावे माल्यार्पण करने वालों में मंत्री जयकुमार सिंह, प्रेम कुमार व कृष्ण नंदन वर्मा, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, विधायक संजीव चौरसिया, कांग्रेस नेता मदन मोहन झा तथा पूर्व सांसद पप्पू यादव भी शामिल थे। पटना एयरपोर्ट पर शहीदों को गार्ड आफ आनर व श्रद्धांजलि देने के बाद पटना से पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से जवानों के पैतृक आवास भेजा गया। शहीदों के शव को लेने पटना एयरपोर्ट पर उनके घरवाले पहुंचे थे। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांवों में कल किया जाएगा।


मिलिट्री फोर्स के जवानों को भी मिले शहीद का दर्जा
तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरा बिहार शहीदों के परिवार के साथ है। हम इनकी शहादत को भूल नहीं सकते। हमलोग लगातार कहते रहे हैं कि सीआरपीएफ, आईटीबीपी जैसी मिलिट्री फोर्स के जवानों को भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। अभी तक सिर्फ सेना के जवानों को ही शहीद का दर्जा मिलता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि शहीद के परिजनों को हरसंभव मदद दे। खासकर रोजगार और आर्थिक मदद शहीद के परिवारों को मिलना चाहिए।
लवकुश की शहादत से पत्नी और मां बदहवास
जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड के अइरा गांव के लाल लवकुश शर्मा माता-पिता के इकलौते संतान थे। थानाध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद को उनके शहीद होने का मैसेज मिला। उन्होंने इसे गांव के युवक को बताया। पिता सुदर्शन शर्मा ने बेटे द्वारा दिए गए सिम से मोबाइल को चालू किया तो सीआरपीएफ कमांडेंट का फोन आया और उन्होंने लवकुश के शहीद होने की जानकारी दी। वे बेसुध होकर गिर पड़े। पत्नी अनीता और मां प्रमिला भी बदहवास हैं। लवकुश 2014 में सीआरपीएफ में बहाल हुए थे। पत्नी अनीता जहानाबाद के राजा बाजार के सर गणेश दत्त नगर में किराए के मकान में रहकर सात साल के बेटे सूरज तथा तीन साल की बेटी अनन्या की पढ़ाई-लिखाई करा रही हैं। लॉकडाउन के कारण वह बच्चों को लेकर गांव अइरा चली गई थीं, जहां पति की शहादत की खबर मिली।
पत्नी को माबाइल पर मिली पति के शहादत की सूचना
रोहतास जिले के लाल खुर्शीद खान (41) बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के घुसिया कला गांव निवासी स्व. श्यामुद्दीन खान के पुत्र थे। उनके पत्नी, मां व बच्चे रो-रोकर बेसुध हो रहे हैं। शहीद की पत्नी नगमा खातून को सोमवार की सुबह सीआरपीएफ अधिकारियों ने शहादत की सूचना मोबाइल पर दी। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। खुर्शीद सीआरपीएफ में ड्राइवर कांस्टेबल पद पर 24 अक्टूबर 2001 को भर्ती हुए थे।

You may have missed