कटिहार में हुए गोलीकांड मामले की जांच करेगी बिहार कांग्रेस, शकील अहमद बोले- तीन संसदीय प्रतिनिधिमंडल करेगा दौरा
पटना। बिजली की मांग कर रहे लोगों पर गोली चलाए जाने की घटना को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल कटिहार जाएगा। कटिहार में दो दिन पहले हुए गोलीकांड में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि एक घायल है। वहीं इस घटना को लेकर बिहार पुलिस पर कई तरह के सवाल उठाये जा रहे हैं कि आखिर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली ही क्यों चलाई। पुलिस ने बलप्रयोग के लिए कोई अन्य विकल्प क्यों नहीं तलाशा। इन सब विवादों के बीच अब कांग्रेस ने तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कटिहार भेजने की घोषणा की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के विधायकों का प्रतिनिधिमंडल बारसोई कांड के पीड़ित परिजनों से मिलने जा रहा है। हम यह भी जांच करेंगे कि घटना कहां और किस स्थिति में हुई। उन्होंने कहा कि हम सरकार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए यह जांचना भी महत्वपूर्ण है कि क्या जिला प्रशासन या उप-मंडल प्रशासन ऐसी गलती करता है। बारसोई का दौरा करने वाले तीन सदस्यीय कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वहां पीड़ितों से मिलेंगे और पूरे मामले की जांच करेंगे। कटिहार के बारसोई में बिजली की मांग को लेकर भीड़ का प्रदर्शन जारी थी। इस दौरान भीड़ के उग्र होने पर पुलिस ने गोलियां दागी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। वहीं पुलिस की ओर कहा गया कि उग्र भीड़ काफी हिंसक हो गई थी। इसलिए पुलिस ने आत्मरक्षार्थ अंतिम विकल्प ले रूप में गोलियां चलाई। इस दौरान कई पुलिस वाले भी घायल हो गए जिनका उपचार चल रहा है। वहीं मामले की जांच को लेकर कटिहार डीएम और एसपी खुद मोनिटरिंग कर रहे हैं। हालांकि नीतीश सरकार से इस मामले में विपक्षी दलों के साथ ही अब महागठबंधन में साझीदार कांग्रेस भी पूरे मामले में सवाल उठा रही है। कांग्रेस ने इसीलिए अपने तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कटिहार भेजने का निर्णय लिया है। एक दिन पहले ही कटिहार गोलीकांड पर जदयू नेता और नीतीश सरकार में मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा था कि भीड़ अगर हिंसक हो जाएगी तो पुलिस उस पर गोली चलाएगी।


