नीतीश फिर बनेंगे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कार्यक्रम घोषित, 22 मार्च को नामांकन, 27 मार्च को संभावित चुनाव
- एकल नामांकन पर पहले ही हो सकती है घोषणा
- सांगठनिक चुनाव के बीच पार्टी में सक्रियता तेज, राज्यसभा जाने के बाद नेतृत्व में बदलाव की चर्चा
पटना। जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। पार्टी के सांगठनिक चुनाव प्रक्रिया के तहत यह कार्यक्रम तय किया गया है, जिसमें मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के दोबारा इस पद पर चुने जाने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। जारी कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 22 मार्च को नामांकन किया जाएगा। इसके अगले दिन 23 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि 24 मार्च को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो 27 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। वहीं यदि केवल एक ही उम्मीदवार का नामांकन होता है, तो नाम वापसी की तिथि पर ही निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार का फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय है। वह इससे पहले 29 दिसंबर 2023 को इस पद पर आसीन हुए थे और तब से संगठन की कमान संभाल रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर कोई चुनौती नजर नहीं आ रही है। इधर पार्टी में सांगठनिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। हाल ही में उमेश सिंह कुशवाहा को तीसरी बार बिहार प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 9 मार्च को राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन उस समय इसे स्थगित कर दिया गया था। अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 मार्च को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव संपन्न कराया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रक्रिया के बाद पार्टी में नेतृत्व को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। इस बीच नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उन्होंने हाल ही में राज्यसभा के लिए नामांकन किया था और चुनाव जीतकर उच्च सदन के सदस्य बन चुके हैं। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे और भविष्य में पार्टी संगठन या राष्ट्रीय राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार लगातार राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। इन दौरों के दौरान वह विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और समीक्षा करते हैं। साथ ही आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुनते हैं। जनता दल यूनाइटेड के लिए यह सांगठनिक चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से पार्टी आगामी राजनीतिक रणनीतियों को दिशा देने की तैयारी में है। फिलहाल सभी की नजरें 27 मार्च को होने वाले चुनाव पर टिकी हैं, जहां नीतीश कुमार के नेतृत्व की औपचारिक पुष्टि होने की संभावना है।


