January 31, 2026

महिला रोजगार योजना में चार चरणों में मिलेगी सहायता राशि, महिलाओं को दो लाख देगी बिहार सरकार

पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से कुल दो लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद राज्य की आजीविका मिशन संस्था जीविका ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है और अब इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पहले चरण में मिली शुरुआती मदद
इस योजना के पहले चरण में सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की करीब एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। इस राशि का उद्देश्य महिलाओं को छोटे स्तर पर कोई काम शुरू करने या अपनी आजीविका से जुड़े प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना था। सरकार का मानना है कि शुरुआती सहायता से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटे व्यवसायों की शुरुआत की है।
अब चार और चरणों में मिलेगी राशि
पहले चरण के बाद अब योजना को अगले स्तर पर ले जाया जा रहा है। सरकार ने तय किया है कि महिलाओं को आगे चार और चरणों में सहायता राशि दी जाएगी। इन सभी चरणों को मिलाकर कुल सहायता राशि दो लाख रुपये तक पहुंचेगी। हर चरण में सहायता के साथ यह भी शर्त रखी गई है कि महिलाएं स्वयं भी कुछ राशि निवेश करें, ताकि वे अपने व्यवसाय को लेकर अधिक गंभीर और जिम्मेदार बनें।
दूसरे चरण में 20 हजार की सहायता
दूसरे चरण में महिलाओं को 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस चरण में एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि महिला को अपनी ओर से 5 हजार रुपये जोड़कर रोजगार की शुरुआत करनी होगी। सरकार का मानना है कि स्वयं का निवेश होने से महिला अपने काम को लेकर अधिक प्रतिबद्ध होगी और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी।
तीसरे चरण में बढ़ेगी सहायता राशि
तीसरे चरण में सरकार की ओर से 40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इस चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपये स्वयं निवेश करने होंगे। इस राशि का उपयोग व्यवसाय को मजबूत करने, कच्चा माल खरीदने, उपकरण लेने या काम का दायरा बढ़ाने में किया जा सकेगा। इस स्तर पर पहुंचने वाली महिलाएं पहले ही यह साबित कर चुकी होंगी कि वे अपने काम को गंभीरता से कर रही हैं।
चौथे चरण में 80 हजार रुपये की मदद
चौथे चरण में सरकार महिलाओं को 80 हजार रुपये की सहायता देगी। इसके साथ ही महिलाओं को 20 हजार रुपये अपनी ओर से लगाने होंगे। इस चरण का उद्देश्य महिलाओं के व्यवसाय को एक स्थायी रूप देना है, ताकि वह केवल घरेलू स्तर पर सीमित न रहे, बल्कि बाजार में पहचान बना सके। इस राशि से महिलाएं अपने काम को व्यावसायिक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
पांचवें चरण में व्यवसाय विस्तार पर जोर
योजना के पांचवें और अंतिम चरण में सरकार व्यवसाय के विस्तार के लिए 60 हजार रुपये देगी। यह राशि मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग जैसे कार्यों के लिए होगी। सरकार का मानना है कि केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि सही ढंग से बाजार तक पहुंच बनाना भी उतना ही जरूरी है। इस चरण में महिलाएं अपने उत्पाद को एक पहचान दिलाने की दिशा में काम कर सकेंगी।
समूह और व्यक्तिगत दोनों को मिलेगा लाभ
योजना में समूह और व्यक्तिगत, दोनों तरह से सहायता देने का प्रावधान किया गया है। यदि दूसरे चरण में 10 महिलाएं मिलकर सामूहिक रूप से कोई रोजगार शुरू करती हैं, तो प्रति महिला 20 हजार रुपये के हिसाब से समूह को कुल 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक उद्यम शुरू करने का अवसर मिलेगा।
व्यक्तिगत उद्यम के लिए अलग मानदंड
जो महिलाएं व्यक्तिगत रूप से अच्छा व्यवसाय कर रही हैं और उन्हें एक साथ बड़ी राशि की जरूरत है, उनके लिए अलग मानक तय किए गए हैं। ऐसे मामलों में महिला का प्रस्ताव जिले से राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। जीविका के सीईओ की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति इस प्रस्ताव की समीक्षा करेगी। समिति की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित महिला को एक बार में दो लाख रुपये तक की राशि दी जा सकेगी।
पहली राशि के उपयोग का होगा आकलन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे की राशि जारी करने से पहले पहले चरण में दी गई 10 हजार रुपये की सहायता के उपयोग का आकलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी ग्राम संगठन को सौंपी गई है। ग्राम संगठन यह देखेगा कि महिला ने राशि से दुकान या कोई व्यवसाय शुरू किया है या नहीं और उसकी व्यवसाय में रुचि कितनी है। इसके बाद रिपोर्ट ब्लॉक स्तर पर भेजी जाएगी और उसी के आधार पर आगे की राशि देने का फैसला होगा।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस योजना से लाखों महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका भी और सशक्त होगी। आने वाले समय में इस योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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