अनंत सिंह का बड़ा दावा, कहा- तेजस्वी के खिलाफ हमें उतारे एनडीए, हम उनकी जमानत जब्त करवा देंगे
पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह जेल से रिहा होने के बाद सीधे सियासी मैदान में उतर आए हैं। रिहाई के तुरंत बाद उन्होंने बड़ा बयान देते हुए खुद को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार बताया है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती दी है।
जेल से रिहाई के बाद सियासी घोषणा
अनंत सिंह, जिन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है, सोनू-मोनू गैंग कांड में जेल में थे। सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद वे बुधवार को रिहा हुए। गुरुवार को मोकामा पहुंचते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी चुनावी मंशा स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि वे चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुके हैं और जनता से मिलने जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव के खिलाफ उतरने की चुनौती
अनंत सिंह ने दावा किया कि अगर उन्हें जेडीयू की ओर से तेजस्वी यादव के खिलाफ टिकट दिया जाता है, तो वे उनकी जमानत तक जब्त करवा देंगे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव इस जन्म में मुख्यमंत्री बनने की कल्पना भी नहीं कर सकते। अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनना है, तो अगला जन्म लेना होगा। उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि वे तेजस्वी को सीधी राजनीतिक चुनौती देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने तेजस्वी को मोकामा आने की खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे यहां आए, तो जमानत जब्त करवा के वापस भेज देंगे।
नीतीश कुमार के पक्ष में समर्थन
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार से बेहतर कोई मुख्यमंत्री नहीं हुआ है और 2025 का चुनाव भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि वे फिर से जेडीयू के साथ जाने का मन बना चुके हैं।
रोजगार के मुद्दे पर तेजस्वी पर तंज
राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा 17 महीनों में लाखों नौकरियां देने के दावे पर अनंत सिंह ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी में इतनी क्षमता थी, तो अपने माता-पिता लालू यादव और राबड़ी देवी के कार्यकाल में ही जनता को रोजगार क्यों नहीं दिलवा दिए। उन्होंने तेजस्वी को ‘बाबू-मैया’ की राजनीति करने वाला बताया और उनके दावों को खोखला करार दिया।
राजद को सीमित सीटों की भविष्यवाणी
अनंत सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव में राजद को केवल 12 से 15 सीटों तक सीमित रहने की भविष्यवाणी की। उनका दावा है कि राज्य की जनता अब तेजस्वी यादव की राजनीति से ऊब चुकी है और नीतीश कुमार पर फिर से भरोसा करेगी। यह बयान सीधे तौर पर राजद की चुनावी संभावनाओं पर सवाल खड़ा करता है।
राजनीतिक समीकरण और अनंत सिंह की स्थिति
गौरतलब है कि अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी मौजूदा समय में मोकामा से विधायक हैं। वे राजद के टिकट पर जीती थीं लेकिन पिछले साल फ्लोर टेस्ट के दौरान जेडीयू के पक्ष में चली गईं। अब अनंत सिंह खुद चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे जेडीयू के टिकट पर मैदान में उतरेंगे। अनंत सिंह की जेल से रिहाई और तुरंत बाद तेजस्वी यादव के खिलाफ तीखे बयान ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। उनके बयान से साफ है कि वे न केवल चुनाव लड़ने को तैयार हैं, बल्कि एक बार फिर से अपने पुराने प्रभाव वाले क्षेत्र मोकामा से सियासी वापसी की कोशिश में हैं। तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती देना, नीतीश कुमार का समर्थन और राजद को कमजोर बताना, ये सभी बातें संकेत देती हैं कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति और भी गरमाने वाली है।


