पटना में अनंत सिंह की बड़ी घोषणा, कहा- अब आगे चुनाव नहीं लडूंगा, नीतीश तय करेंगे मुख्यमंत्री
पटना। बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब वे भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। पटना में विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह ऐलान किया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही राजनीति करते रहे हैं और आगे भी उनका निर्णय ही सर्वोपरि रहेगा।
राज्यसभा चुनाव में वोट देने पहुंचे थे विधानसभा
अनंत सिंह सोमवार को पटना स्थित बेऊर जेल से विधानसभा पहुंचे थे। वे राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान करने आए थे। जेल से विशेष सुरक्षा के बीच उन्हें विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी उम्मीदवारों की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि गठबंधन के पांचों उम्मीदवार चुनाव में सफल होंगे।
नीतीश कुमार पर जताया भरोसा
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, तो उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में नीतीश कुमार का नेतृत्व महत्वपूर्ण है और वही आगे की दिशा तय करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि यदि नीतीश कुमार राजनीति में सक्रिय नहीं रहते तो क्या वे चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नीतीश कुमार नहीं रहेंगे तो वे भी चुनाव नहीं लड़ेंगे।
निशांत और तेजस्वी पर सवाल टाल गए
बातचीत के दौरान पत्रकारों ने उनसे यह भी पूछा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव में से उन्हें कौन बेहतर लगता है। इस सवाल का अनंत सिंह ने सीधा जवाब देने से बचते हुए इसे टाल दिया। उन्होंने इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की और बातचीत को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ दिया।
जल्द जेल से रिहा होने का दावा
अनंत सिंह ने इस दौरान अपने कानूनी मामले को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि वे जल्द ही जेल से रिहा हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एक महीने के भीतर उन्हें न्याय मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और उन्हें पूरा विश्वास है कि असली अपराधी पकड़ा जाएगा। उनके अनुसार जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
हाल ही में ली थी विधायक पद की शपथ
अनंत सिंह ने करीब एक महीने पहले ही विधायक पद की शपथ ली थी। शपथ लेने के बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिले थे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे उनके माथे पर लगे तिलक के बारे में भी पूछा था।
कुछ देर विधानसभा में रहे
विधानसभा पहुंचने के बाद अनंत सिंह कुछ समय तक अपनी सीट पर बैठे रहे। बताया जाता है कि वे लगभग दस मिनट तक विधानसभा परिसर में रहे। इसके बाद वे वापस बेऊर जेल के लिए रवाना हो गए। जेल लौटने से पहले उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत भी की और अपने राजनीतिक तथा कानूनी मामलों पर प्रतिक्रिया दी।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
विधानसभा से बाहर निकलते समय अनंत सिंह ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब बोलने की स्थिति में नहीं है। उनके अनुसार राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में विपक्ष के नेताओं को अपनी राजनीतिक रणनीति बदलनी पड़ेगी।
तेजस्वी यादव पर भी टिप्पणी
बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने तेजस्वी यादव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में तेजस्वी यादव को किसी अन्य पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने इस विषय पर अधिक विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।
एक मामले पर जवाब देने से किया इनकार
पत्रकारों ने जब उनसे नीट छात्रा से जुड़े एक चर्चित अपराध मामले के बारे में सवाल किया तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
राजनीतिक बयान से बढ़ी चर्चा
अनंत सिंह के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में प्रभाव रखने वाले अनंत सिंह के इस फैसले से राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके बयान के बाद आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नई रणनीतियां देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल अनंत सिंह के इस ऐलान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को तेज कर दिया है और सभी की नजर अब आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।


