January 28, 2026

पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट, खतरनाक घाट चिन्हित, नाविक और गोताखोर तैनात

पटना। बिहार में मानसून के दौरान गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना जिला प्रशासन विशेष रूप से सतर्क हो गया है। गंगा नदी से सटे बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में प्रशासन ने संभावित खतरे को भांपते हुए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य गंगा किनारे स्नान करने आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
तेरह घाट चिन्हित, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बाढ़ प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे कुल तेरह प्रमुख घाट हैं, जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। इन घाटों पर अक्सर डूबने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं, खासकर जब जलस्तर अधिक होता है और धारा तेज होती है। इन हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने सभी घाटों पर नाव, प्रशिक्षित नाविक और गोताखोरों को तैनात कर दिया है। इनकी मदद से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत व बचाव कार्य किया जा सकेगा।
बख्तियारपुर के सीढ़ी घाट पर विशेष व्यवस्था
बख्तियारपुर अनुमंडल अंतर्गत नवनिर्मित सीढ़ी घाट को विशेष संवेदनशील मानते हुए प्रशासन ने वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती है। इस घाट पर दोनों पालियों में नाव, नाविक और गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके साथ ही आपदा मित्रों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है, जो किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में लोगों की सहायता करेंगे।
आपदा मित्र होंगे लोगों की मददगार
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रशिक्षित किए गए आपदा मित्रों को खास प्रकार के लाइफ जैकेट और विभाग द्वारा दी गई टी-शर्ट पहनने का निर्देश दिया गया है। इससे घाटों पर आने वाले लोग उन्हें आसानी से पहचान सकें। आपदा मित्र न केवल निगरानी रखेंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर त्वरित एक्शन भी लेंगे। ये लोग पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं और नाविकों तथा गोताखोरों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे।
जनसहभागिता पर जोर
प्रशासन ने घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यधिक उत्साह में आकर गहरे पानी में न जाएं और घाट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी
अनुमंडल प्रशासन की ओर से लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है। यदि जलस्तर और बढ़ता है या धारा तेज होती है तो घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी अधिक मजबूत किया जाएगा। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि भविष्य में किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी उपकरण और मानव संसाधन पूरी तरह तैयार हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन की सक्रियता यह दिखाती है कि जनता की सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। नाविकों, गोताखोरों और आपदा मित्रों की तैनाती से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हो गई है। ऐसे में अब जरूरी है कि आम लोग भी सजग रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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