February 15, 2026

सीवान में खेतों में पराली जलाने वाले किसानों पर होगी कार्रवाई, जिला प्रशासन का आदेश जारी

सीवान। बिहार के सीवान जिले में अब किसान खेतों में पराली जलाएंगे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। धान की कटाई के बाद किसान खेतों में ही पराली जला रहे हैं। जिसके कारण हवा प्रदूषित हो रही है। खबर लिखे जाने के समय सीवान की एयर क्वालिटी इंडेक्स 299 है। जो की खतरे में है। इसको लेकर सीवान के प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी आलेख कुमार ने कहा कि अगर कोई भी किसान खेतों में पराली जलाते हुए पकड़े जाते हैं या उनके खेतों में जले हुए पराली का अवशेष मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। किसानों को पहले की निर्देशित किया जा चूका है की खेतों में पराली नहीं जलाना है। चेतावनी के बावजूद भी कोई किसान अगर खेतों में पराली जलते हुए पकड़े जाते हैं तो सबसे पहले किसान के रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही साथ किसानों को सभी सरकारी लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। किसानों को सरकारी दाम पर मिलने वाले खाद, यूरिया और बीज से वंचित कर दिया जाएगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने कहा जांच की जाएगी। किसानों को मिलने वाला प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाले लाभ से भी वंचित कर दिया जाएगा। धान की बिक्री भी पैक्स में नहीं कर पाएंगे। इसके बावजूद भी अगर कोई किसान खेतों में पराली जलाते हैं तो प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। खेतो में पराली जलाने से खेतों की उर्वरक क्षमता काम होती है। साथ ही साथ हवा भी प्रदूषित होती है। धान की फसल कटनी के तुरंत बाद किसानों को खेतों में गेंहू की बुआई करनी होती है। धान की फसल की पराली पशु नहीं खाते है, ज्यादा दिन तक रखने पर खराब भी हो जाता है। जिसके कारण किसान खेतों में पराली जला देते हैं। किसानों के लिए भले ही यह आसान होता है, लेकिन यह खेतों और वातावरण के लिए काफी खतरनाक होता है।

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