समस्तीपुर में बाइक सवार अपराधियों ने की युवक की हत्या, दिनदहाड़े मारी गोली

समस्तीपुर। जिले में अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। गुरुवार को उजियारपुर थाना क्षेत्र के सातनपुर गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान माधोपुर गांव निवासी विक्रम गिरी के रूप में की गई है। बताया जाता है कि विक्रम गिरी का आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंध था और वह कुछ ही दिन पहले जेल से रिहा होकर घर लौटा था। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, विक्रम गिरी अपने घर से किसी काम से बाहर निकला था। इसी बीच पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगते ही विक्रम मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी आराम से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो विक्रम खून से लथपथ पड़ा हुआ था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उजियारपुर थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक की पुरानी रंजिश इस हत्या की एक बड़ी वजह हो सकती है। चूँकि विक्रम हाल ही में जेल से बाहर आया था, ऐसे में उसके पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े विवाद इस हत्या से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। यह घटना न केवल समस्तीपुर में बल्कि पूरे बिहार में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। दिनदहाड़े इस तरह की हत्या से आम लोगों में भय का माहौल बन गया है। लोग मानते हैं कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी बिना डर गोली चला देते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस को और सख्ती दिखानी होगी। वहीं प्रशासन का दावा है कि मामले का जल्द खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।विक्रम गिरी की हत्या से उसके गांव और परिजनों में मातम का माहौल है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध और पुरानी रंजिशें समाज के लिए किस तरह घातक साबित हो रही हैं। कुल मिलाकर यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध और पुलिस-प्रशासन की चुनौतियों की ओर इशारा करती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कितनी तेजी से अपराधियों को पकड़कर न्याय दिलाती है।

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