February 18, 2026

अनिश्चित हड़ताल पर जाने की घोषणा को वापस लेगा आशा कार्यकर्ता संघ, 28 फरवरी को पटना हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

पटना। पटना हाईकोर्ट के समक्ष बुधवार को 17 फरवरी, 2022 गुरुवार से तकरीबन 60 हज़ार की संख्या में आशा वर्कर के अनिश्चित हड़ताल पर जाने की घोषणा के मामले पर सुनवाई हुई। ये आशा वर्कर आशा संयुक्त संघर्ष मंच, बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ/ आशा संघर्ष समिति के जरिए अपनी मांगों को रख रही हैं। चीफ जस्टिस संजय करोल व जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ के समक्ष उक्त मामले पर आवश्यक सुनवाई हेतु राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने हाई कोर्ट के समक्ष बुधवार को पूर्वाह्न साढ़े दस बजे आग्रह किया। इसके बाद उक्त मामले को सुनवाई के लिए अधिसूचित किया गया। कोर्ट ने वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा को उक्त संघ/ समिति के पदाधिकारियों (ऑफिस बियरर) से बातचीत करने को कहा था, ताकि उनकी शिकायतों के बारे में पता किया जा सके। उक्त मामले पर खंडपीठ द्वारा सुनवाई शिवानी कौशिक व अन्य के मामले पर हुई। बातचीत करने के बाद वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कोर्ट को बताया कि उक्त समिति/ संघ के पदाधिकारीगण हड़ताल पर जाने की घोषणा को तुरंत वापस ले लेंगे।

वही कोर्ट ने आशा वर्कर द्वारा उठाये गए कदम की पूरी तौर से प्रशंसा की। इतना ही नहीं, कोर्ट ने कोविड -19 महामारी के दौरान इनके द्वारा किये गए कार्यों की सराहना किया। अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के स्टेट हेल्थ सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया जाएगा और संघ/ समिति के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा। ये सब एक सप्ताह में कर लिया जाएगा। कोर्ट ने कार्यकारी निदेशक से हलफनामा पर कार्यवाही के नतीजे को देने को कहा है। इस मामले पर आगे की सुनवाई अब आगामी 28 फरवरी को की जाएगी।

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