बाढ़ में छात्रों ने किया रेल चक्का जाम, पुलिस और छात्रों के बीच झड़प व पत्थरबाजी
- रेल मंत्री से मांगा इस्तीफा
बाढ़। आरआरबी-एनटीपीसी की रिजल्ट तथा उसमें संशोधन करने की मांग को लेकर शुक्रवार को हजारों की संख्या में छात्र सड़कों व रेलवे ट्रेकों पर उतर आए। पटना के बाढ़ में एनएच 31 पर पहले तो छात्रों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर यातायात को बाधित कर दिया। उसके बाद प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए स्टेशन की ओर चल पड़े, स्टेशन पहुंचकर छात्रों ने ट्रेन यातायात को बाधित कर दिया। लगभग साढ़े चार घंटे तक रेलवे ट्रैक पर छात्रों ने ट्रेन को रोके रखा। वहीं मौके पर जीआरपी की पुलिस ने ट्रैक खाली करवानी चाही, लेकिन जब पुलिस भीड़ को काबू नहीं कर सकी तो अनुमंडल के सभी थानों को सूचना दी गई। बाढ़ थाना अध्यक्ष संजीत कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल रेलवे स्टेशन पहुंची, साथ ही साथ अथमलगोला, पंडारक, एनटीपीसी, बेलछी, सकसोहरा सहित कई थानों की पुलिस दलबल के साथ बाढ़ स्टेशन पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों को समझाने की कोशिश की। काफी देर तक पुलिस छात्रों को समझाते रही, परंतु छात्र कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। वे ट्रैक पर खड़े रहे। अंतत: दोपहर 2 बजे के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शन के कारण काफी देर तक भागलपुर इंटरसिटी (3402) को रोक कर रखा गया। हालांकि इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि पुलिस और छात्रों के बीच झड़प भी हुई और दोनों तरफ से पत्थरबाजी भी की गई। छात्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।


छात्रों ने रेलवे लाइन का क्लिप खोला
सुबह 10:20 से लेकर संध्या के 3 बजे तक आंदोलनकारी छात्र बाढ़ रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर डटे रहे। वहीं छात्रों का एक दल ने रेलवे लाइन के बड़ी संख्या में क्लिप चाभी को भी खोल दिया, जिसके कारण भागलपुर दानापुर इंटरसिटी ट्रेन को आंदोलन समाप्त हो जाने के बाद भी कुछ समय तक प्लेटफार्म पर आने के लिए इंतजार करना पड़ा। गैंगमैन ने निकाले गए क्लिप को पुन: लगाया, तब जाकर ट्रेन का आवागमन शुरू हो पाया।
रेल पुलिस और आरपीएफ ने हल्के में लिया था आंदोलन को
बाढ़ में एनटीपीसी परीक्षा में सम्मिलित छात्रों के द्वारा 28 जनवरी को रेल रोकने को लेकर 27 जनवरी को मार्च निकाला था लेकिन रेल प्रबंधन ने छात्रों के इस आंदोलन को हल्के में लिया। जिस तरह की व्यवस्था एवं आरपीएफ जवानों की तैनाती स्टेशन पर होनी चाहिए थी, उतनी संख्या में तैनाती नहीं की गई थी। जिसके कारण छात्र संगठन हावी हो गए और बाढ़ के मुख्य गेट से होते हुए पूर्वी छोर पर जाकर अचानक हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन रेल पुलिस और आरपीएफ के जवानों की संख्या कम होने के कारण लोकल पुलिस का सहयोग लेने की जरूरत पड़ गई। उसके बाद बाढ़ अनुमंडल के कई थाना की पुलिस, अपर एसडीओ राजेश कुमार और अंचलाधिकारी मनोज कुमार के साथ-साथ थाना अध्यक्ष संजीत कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने की कोशिश की, जब छात्रों ने एक नहीं सुनी तो पुलिस बल को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिसके बाद छात्र और आक्रोशित हो गए। पुलिस बल के जवानों पर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी, लेकिन पुलिस बल की संख्या अधिक होने के चलते छात्रों स्टेशन से भागना पड़ा।

