January 26, 2026

धनतेरस व दिवाली से पहले खरीदारी एवं निवेश का बना महासंयोग, इस दिन गुरु-पुष्य नक्षत्र के साथ शनि दिलाएंगे शुभता

पटना। हिन्दू धर्म में किसी भी नए कार्य का आरंभ, बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदारी या पूंजी निवेश करने से पहले शुभ मुहूर्त का पूरा ख्याल रखा जाता है। शुभ मुहूर्त में नए व्यापार की शुरूआत से सफलता व अपने भौतिक सुख-सुविधाओं हेतु खरीदी वस्तुओं का लाभ लंबे समय तक मिलता है। 28 अक्टूबर दिन गुरुवार को यानि दीपावली से पहले खरीदारी व निवेश के लिए महासंयोग बन रहा है। गुरु पुष्य नक्षत्र 60 साल बाद शनि-गुरु की युति में आ रहा है। 28 अक्टूबर को शनि और गुरु की युति होने से पुष्य नक्षत्र की शुभता और बढ़ गयी है। इसी नक्षत्र में धन व वैभव को देने वाली माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। ग्रह-गोचर में पुष्य नक्षत्र के स्वामी तथा उपस्वामी की युति 60 साल बाद हो रही है। इससे पहले ऐसा शुभ संयोग वर्ष 1961 में बना था।
28 को गुरु पुष्य नक्षत्र का शुभकारी संयोग
भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के सदस्य आचार्य राकेश झा ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 27 नक्षत्रों में कुछ नक्षत्र बहुत ही शुभ फलदायी माने जाते हैं। नक्षत्रों के इन क्रम में आठवें स्थान पर पुष्य नक्षत्र को माना जाता है। ऋग्वेद में इसे मंगलकर्ता, वृद्धिकर्ता एवं आनंदकर्ता कहा गया है। कार्तिक कृष्ण अहोई अष्टमी 28 अक्तूबर को प्रात: 06:37 बजे के बाद से अगले दिन सुबह 08:15 बजे तक शुभता से परिपूर्ण पुष्य नक्षत्र विद्यमान रहेगा। इस नक्षत्र में खरीदारी तथा निवेश करना बहुत ही उत्तम होता है। इसके अलावा 28 अक्तूबर को पूरे दिन साध्य योग, बव करण, सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग, रवियोग, सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग भी बन रहा है।
677 वर्ष बाद गुरु-पुष्य योग व गुरु-शनि का दुर्लभ योग
ज्योतिषी झा ने बताया कि करीब 677 वर्ष बाद गुरु-पुष्य योग में शनि और गुरु दोनों एक साथ मकर राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। इस नक्षत्र पर शनि एवं गुरु की विशेष कृपा रहती है। गुरुवार को पुष्य नक्षत्र में शनि तथा गुरु की युति मकर राशि में होगी। ऐसे में इसकी महत्ता कई गुना बढ़ गयी है। यह महासंयोग अक्षय लाभ दिलाता है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव ही हैं। पुष्य नक्षत्र पर गुरु, शनि तथा चंद्र का प्रभाव होता है तो ऐसे में स्वर्ण, लौह से जुड़ी चीजें और चांदी की वस्तुएं खरीदी करने से भविष्य में उसका अच्छा फल प्राप्त होता है।
इन वस्तुओं की खरीदारी से होगा अक्षय लाभ
फलित ज्योतिष के मर्मज्ञ पंडित राकेश झा के मुताबिक पुष्य नक्षत्र में घर, जमीन, सोने-चांदी के गहने, वाहन, दुकान, बहुमूल्य रत्न या धातु, बर्तन, श्रृंगार सामग्री, पठन-पठन सामग्री, मशीनरी या विद्युतीय उपकरण खरीदना शुभ रहता है। इस दिन बीमा पॉलिसी, शेयर मार्केट में निवेश से भी लाभ मिलेगा। गुरु और शनि में मित्रता का भाव है, जिससे गुरु-पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करना बहुत ही शुभ होता है। इसके अलावे इस दिन नए काम की शुरूआत करना शुभ माना गया है। इस दिन नए बहीखाते या कलम-दवात खरीदने से काम-काज की शुभता बढ़ती है तथा अक्षय लाभ मिलता है। इस नक्षत्र में शिल्प, चित्रकला, पढ़ाई प्रारंभ करना, मंदिर निर्माण, घर निर्माण उत्तम माना जाता है। छोटे बच्चें को इस दिन विद्यारंभ करना शुभ रहेगा।

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