ONLINE पढ़ाई से बच्चों में दृष्टि दोष और मस्तिष्क पर पड़ रहा असर, पहली से दसवीं के बच्चों के क्लास खोलने की मांग
फुलवारी शरीफ। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामल अहमद ने बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा 11वीं एवं 12वीं की पढ़ाई पुन: आफलाइन प्रारंभ करने की घोषणा का स्वागत किया है एवं उसी गाईडलाइन के अंतर्गत कक्षा पहली से दसवीं तक को भी प्रारंभ करने की पूरजोर मांग की है।
श्री अहमद ने कहा, पिछले 16 महीनों से विद्यालय बंद है एवं बच्चों की पढ़ाई आनलाइन के माध्यम से हो रही है। जिसके कारण बच्चों का सर्वांगीण विकास थम सा गया है। इतना ही नहीं, लगातार कई घंटों मोबाइल तथा कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाई करने से दृष्टि दोष की भी शिकायतें अधिक मिल रही है, साथ ही बच्चों के मस्तिष्क पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई है कि कहीं ऐसा ना हो कि कोरोना वायरस के चंगुल से बचते-बचते बच्चे शारीरिक एवं मस्तिष्क विकास से वंचित होकर अपना अस्तित्व ना खो बैठे।
वहीं श्री अहमद ने कहा कि पिछले 16 महीने से बंद होने के कारण स्कूलों में बच्चों की फीस नहीं आई है, जिसके कारण विद्यालयों के बिल्डिंग का रेंट, ईएमआई, बिजली का बिल, स्कूल वाहन का कर एवं अन्य विद्यालयों से जुड़े खर्चों का भुगतान नहीं किया जा सका है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हजारों स्कूल कर्ज के बोझ तले दब गए हैं एवं पैसों के अभाव में बंद भी हो चुके हैं। जिसके कारण वहां से जुड़े शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी बेरोजगार हो गए हैं और अपना पालन पोषण करना उनके लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। यदि अब सरकार ने विद्यालय शिक्षकों एवं बच्चों के हित में खोलने का फैसला नहीं लिया तो शिक्षा जगत संपूर्ण रूप से अंधकार में डूब जाएगा और लाखों शिक्षक एवं उनके परिवार के लोग सङÞक पर आ जाएंगे।


