February 22, 2026

बिहार पंचायत चुनाव मामले पर सुनवाई 15 जुलाई को : हाईकोर्ट ने केंद्र-बिहार सरकार और ईसीआई को भेजा नोटिस

पटना। पटना हाईकोर्ट ने बिहार पंचायत राज (संशोधन) अध्यादेश को भारत के संविधान के विरुद्ध बताने समेत अन्य मुद्दे पर सुनवाई करते हुए भारत सरकार, केंद्रीय चुनाव आयोग व राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अधिवक्ता प्रियंका सिंह की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार के साथ ही भारत चुनाव आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग को 15 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया है। बता दें राज्य के पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों के 15 जून को खत्म हो रहे कार्यकाल को बिहार सरकार ने नहीं बढ़ाया। इसके बजाए सरकार ने परामर्शी समिति का गठन कर दिया है। इस पर विपक्षी पार्टियां व्यवस्था का विरोध कर रही है।
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता योगेश चन्द्र वर्मा ने बताया कि राज्यपाल द्वारा जारी यह अध्यादेश भारत के संविधान के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। यही नहीं, राज्य के असेम्बली को भी इन प्रावधानों को बदलने का अधिकार नहीं है। अध्यादेश में जो एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया गया है, इसके अनुसार लोकल बॉडीज की व्यवस्था नहीं चलाई जा सकती हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने कोर्ट को बताया कि दिसंबर, 2020 में चुनाव कराने की तैयारी थी। ईचीएम मशीन के लिए भारत चुनाव आयोग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी।

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