January 26, 2026

एनबीई द्वारा पीजी एवं पोस्ट डोक्टोरल कार्यक्रम में सीटों की संख्या साल के अंत तक 12 हजार से अधिक करने का लक्ष्य

पटना। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) द्वारा पिछले पांच वर्षों में चलाए जानेवाले वाले पीजी एवं पोस्ट डोक्टोरल कार्यक्रम में सीटों की संख्या दुगनी से भी अधिक बढ़ाकर 10 हजार के करीब पहुंच गई है। इस वर्ष के अंत तक इसे 12 हजार से अधिक करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री के पीजी मेडिकल सीटों को दोगुनी करने के स्वप्न को पूरा करने के राह में एक बड़ा कदम है और इसके लिए एनबीई और इसकी गवार्निंग बॉडी के सभी अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। केंद्रीय मंत्री मंगलवार को द्वारिका स्थित राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड के 39वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एनबीई गठन सन् 1982 में इस उद्देश्य से किया गया था कि देश में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सके एवं अखिल भारतीय स्तर पर पोस्ट ग्रेजुएट लेवल के उच्च मानक वाले प्रशिक्षण एवं परीक्षा की व्यवस्था का संचालन किया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मेडिकल छात्रों के लिए एनबीई द्वारा चलाए जानेवाले डीएनबी कोर्स उनके पीजी क्वालिफाइड विशेषज्ञ डॉक्टर बनाने के स्वप्न को पूरा करने का मार्ग खोल रहा है। डीएनबी कोर्स में ट्रेनिंग तुलनात्मक रूप से नाम मात्र के खर्चे पर करना सुलभ है, साथ ही कोर्स के दौरान प्रशिक्षु डॉक्टरों को अच्छे स्टाइफंड देने का प्रावधान है।


चौबे ने कहा कि बोर्ड द्वारा अगस्त 2020 से 8 विषयों में 2 वर्षीय पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के द्वारा जहां ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों मे हम प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध करा पाएंगे, वहीं उन डॉक्टरों को भी पीजी विशेषज्ञता हासिल करने के नए विकल्प खोलेगी, जो किन्ही कारणों से 3 वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम मे प्रवेश नहीं ले पाते हैं।
चिकित्सा अनुसंधान के मामले में अग्रणी देशों में शामिल है भारत
उन्होंने कहा कि चिकित्सा अनुसंधान के मामले में आज हम विश्व के अग्रणी देशों की कतार मे खड़े हैं। इसका एक जीवंत उदाहरण अंतर्राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा छात्रों के शोध ज्ञान को बढ़ाने के लक्ष्य से एनबीई द्वारा शुरू किया गया अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम भारत को वैश्विक स्तर पर आधुनिक चिकित्सा शोध के क्षेत्र में नेतृत्व देने में सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम के दौरान संस्था के लिए विशिष्ट सेवा देने वाले लोगों को सरदार वल्लभ भाई पटेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोरोना वारियर्स को भी सम्मानित किया गया।

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